फ्लाइट रिशेड्यूल होने के बाद यात्री को बोर्डिंग से रोकना सेवा में कमी: दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने IndiGo को ₹67,713 देने का आदेश
दिल्ली के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-I (नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट) ने फ्लाइट रिशेड्यूल होने के बाद यात्री को बोर्डिंग से रोकने के मामले में InterGlobe Aviation Limited (IndiGo) को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य अश्वनी कुमार मेहता व हरप्रीत कौर छाबड़ा ने कहा कि एयरलाइन की Conditions of Carriage में मौजूद संविदात्मक शर्तें उपभोक्ता कानून के तहत उपलब्ध वैधानिक अधिकारों के खिलाफ पूर्ण बचाव नहीं हो सकतीं।
मामला डेजील अग्रवाल का है, जिन्होंने 3 फरवरी 2019 को दिल्ली-बेंगलुरु की फ्लाइट बुक की थी। एयरलाइन ने बाद में फ्लाइट का समय बदलकर शाम 4 बजे कर दिया। यात्री के अनुसार, वह करीब 2:45 बजे एयरपोर्ट पहुंचा, लेकिन उसे बोर्डिंग पास जारी नहीं किया गया और "No Show" माना गया। इसके बाद उसे दूसरी फ्लाइट का टिकट खरीदना पड़ा।
IndiGo ने दावा किया कि यात्री निर्धारित चेक-इन समय के बाद पहुंचा था। हालांकि, आयोग ने कहा कि एयरलाइन ने चेक-इन लॉग, काउंटर बंद होने का रिकॉर्ड या अन्य जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए, जिससे उसका दावा साबित हो सके।
आयोग ने कहा कि बिना पर्याप्त आधार के बोर्डिंग से रोकना सेवा में कमी, लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार है।
आयोग ने IndiGo को ₹12,713 टिकट राशि 9% ब्याज सहित, ₹50,000 मानसिक पीड़ा और असुविधा के मुआवजे तथा ₹5,000 मुकदमेबाजी खर्च का भुगतान करने का निर्देश दिया है। रकम 30 दिनों में नहीं देने पर 12% वार्षिक ब्याज देना होगा।