केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया है। मामला बिना पंजीकरण वाले कृषि-रसायन उत्पाद 'Cyclosinone Herbicide' की लिस्टिंग, विज्ञापन और बिक्री को सुगम बनाने से जुड़ा है। CCPA ने उत्पाद से संबंधित दावों को भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है।
यह आदेश CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा ने पारित किया।
क्या है पूरा मामला?
मामला तब सामने आया जब कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने CCPA को Flipkart पर 'Cyclosinone Herbicide' की बिक्री और विज्ञापन की जानकारी दी।
उत्पाद को Flipkart पर “Farmer and Gardener Approved Weed Killer” जैसे दावों के साथ प्रचारित किया गया था। इसके अलावा उत्पाद की सुरक्षा, प्रभावशीलता और अन्य विशेषताओं को लेकर भी दावे किए गए थे।
मंत्रालय ने बताया कि 'Cyclosinone' का नाम Insecticides Act, 1968 की संबंधित अनुसूची में शामिल नहीं था।
Flipkart ने क्या दलील दी?
Flipkart ने CCPA के सामने कहा कि वह केवल एक ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस इंटरमीडियरी है और उत्पाद का निर्माण, स्टॉक या बिक्री स्वयं नहीं करता।
कंपनी ने दावा किया कि उत्पाद की जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की थी और उसके खिलाफ जिन वैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया, वे Flipkart पर लागू नहीं होते।
Flipkart ने यह भी बताया कि उसने संबंधित लिस्टिंग हटा दी हैं और भविष्य में ऐसे उत्पादों को रोकने के लिए अपने कीवर्ड-बेस्ड ब्लॉकिंग मैकेनिज्म को मजबूत किया है।
CCPA ने क्या कहा?
CCPA ने Flipkart की इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि केवल Marketplace Intermediary होने के कारण उसकी जिम्मेदारी खत्म हो जाती है।
प्राधिकरण ने कहा कि उत्पाद की लिस्टिंग, विज्ञापन और उसकी बिक्री को सुगम बनाने में Flipkart की भूमिका थी। इसलिए उस पर उपभोक्ता संरक्षण और ई-कॉमर्स कानूनों के तहत आवश्यक Due Diligence की जिम्मेदारी लागू होती है।
CCPA ने उत्पाद के विज्ञापनों में किए गए दावों पर भी गौर किया, जिनमें “Farmer and Gardener Approved Weed Killer”, “Eco-Safe Weed Terminator Lawn”, “Long Lasting Protection” और “Safe Weed Control for Lawns” जैसे दावे शामिल थे।
प्राधिकरण ने कहा कि इन दावों के पर्याप्त आधार और उत्पाद की संरचना तथा नियामकीय स्थिति के संबंध में उचित जानकारी के अभाव में ये दावे Consumer Protection Act, 2019 के तहत भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में आते हैं।
Flipkart को क्या निर्देश दिए गए?
CCPA ने Flipkart को निर्देश दिया कि:
भ्रामक विज्ञापन को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
प्रतिबंधित या कानून के तहत जोखिम वाले उत्पादों की लिस्टिंग रोकने के लिए Self-Audit किया जाए।
भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार से जुड़े पहले उल्लंघन के लिए ₹10 लाख का जुर्माना जमा किया जाए।
आदेश के 15 दिनों के भीतर Compliance Report दाखिल की जाए।
CCPA ने यह भी स्पष्ट किया कि Marketplace मॉडल या विक्रेताओं के साथ किए गए संविदात्मक समझौते ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की वैधानिक जिम्मेदारियों को कम नहीं कर सकते।