कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी को मनरेगा फंड के कथित हेराफेरी की तीन महीने के अंदर जांच करने का निर्देश दिया

Update: 2022-01-18 07:45 GMT

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को जिला मजिस्ट्रेट, पूर्व मेदिनीपुर को प्रधानमंत्री आवास योजना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के तहत आवंटित धन के कथित गबन की जांच करने का निर्देश दिया।

चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की पीठ उक्त योजनाओं के तहत आवंटित धन के दुरुपयोग का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर फैसला सुना रही थी। इसके अलावा, बेंच को अवगत कराया गया कि धन का न केवल दुरुपयोग किया गया, बल्कि यह भी दिखाया गया कि भुगतान मृत व्यक्तियों और हिरासत में रहने वालों को किया गया है।

याचिकाकर्ता के वकील ने आगे कहा कि 22 नवंबर, 2021 को एक विस्तृत अभ्यावेदन, जिला मजिस्ट्रेट, पूर्व मेदिनीपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसके अलावा, राज्य सरकार के वकील ने प्रस्तुत किया कि समयबद्ध अवधि के भीतर याचिकाकर्ताओं के प्रतिनिधित्व पर विचार करने के लिए निर्देश जारी करने में कोई आपत्ति नहीं है।

प्रतिद्वंद्वी सबमिशन के अवलोकन के अनुसार, बेंच ने निर्देश दिया,

"हम प्रतिवादी नंबर दो/जिला मजिस्ट्रेट, पूर्व मेदिनीपुर को कानून के अनुसार याचिकाकर्ता के प्रतिनिधित्व पर विधिवत विचार करने और सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद जांच करने का निर्देश देते हुए वर्तमान याचिका का निपटान करते हैं। इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर यथासंभव शीघ्रता से कानून के अनुसार निर्णय लें।

तद्नुसार मामले का निस्तारण किया गया।

केस शीर्षक: अमित कुमार दास और अन्य बनाम पश्चिम बंगाल राज्य

केस उद्धरण: 2022 लाइव लॉ (Cal) 5.

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