PM Modi के 'पाकिस्तान से माफ़ी मांगने' वाले कथित पोस्ट करने वाले आरोपी को मिली ज़मानत

Update: 2026-07-16 13:49 GMT

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को व्यक्ति (अशरफ़ खान उर्फ़ नुसरत) को ज़मानत दी, जिस पर भारत के प्रधानमंत्री और भारतीय सशस्त्र बलों के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने का आरोप था। वह मई 2025 से जेल में था।

जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने कहा कि तेज़ी से मुक़दमा चलना आरोपी का मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने बताया कि इस मामले में, फरवरी 2025 में आरोप तय होने के बावजूद, ट्रायल कोर्ट अब तक एक भी गवाह से पूछताछ नहीं कर पाया।

हालांकि, जस्टिस देशवाल ने उसे सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी सामग्री पोस्ट करने से रोक दिया जो अलगाववादी भावनाओं को बढ़ावा दे या किसी भी तरह से किसी खास समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह पैदा करे।

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में इसी बेंच ने आरोपी अशरफ़ खान की ज़मानत याचिका खारिज की थी। बेंच ने कहा कि संविधान के तहत मिली अभिव्यक्ति की आज़ादी ऐसे कामों तक नहीं फैलती जिनसे ऊँचे ओहदे वाले लोगों का अनादर हो और नागरिकों के बीच अशांति फैले।

अपने आदेश में सिंगल जज ने यह भी टिप्पणी की थी कि "कुछ लोगों के समूहों" में अभिव्यक्ति और विचार की आज़ादी की आड़ में सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने का "फ़ैशन" बन गया। वे ऊंचे ओहदे वाले लोगों पर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं और ऐसी सामग्री पोस्ट करते हैं, जिससे लोगों के बीच अशांति और नफ़रत फैलती है।

हालांकि, अब गिरफ़्तारी के लगभग 14 महीने बाद उसे ज़मानत मिल गई।

संक्षेप में मामला

आरोपी (अशरफ़ खान उर्फ़ नुसरत) पर BNS की धारा 152 और 197 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि उसने 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान अपनी फ़ेसबुक आईडी पर एडिट किए गए वीडियो अपलोड किए।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर ऐसा कंटेंट पोस्ट किया, जिसमें दिखाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक गधे के साथ चल रहे हैं, जो एक एयरक्राफ़्ट वाली गाड़ी खींच रहा है। उसके बाद उन्हें पाकिस्तान से माफ़ी मांगते हुए भी दिखाया गया।

कथित पोस्ट में यह भी दिखाया गया कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह (भारतीय वायु सेना की) पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ बैठी हैं, और यह भी बताया गया कि PM मोदी पाकिस्तानी मिसाइल से बचने के लिए भाग रहे हैं। एक और पोस्ट में "पाकिस्तान एयर फ़ोर्स ज़िंदाबाद" लिखा था और उसमें एक पाकिस्तानी विमान द्वारा भारतीय विमान को नष्ट होते हुए भी दिखाया गया। इसके अलावा, आवेदक ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ कुछ और 'आपत्तिजनक' पोस्ट भी किए।

दूसरी ज़मानत याचिका को मंज़ूरी देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि आपत्तिजनक वीडियो को वायरल करने का मुख्य आरोप असल में एक सह-आरोपी शाहरुख़ खान पर लगाया गया, जिसे अगस्त 2025 में ही एक दूसरी बेंच ने ज़मानत पर रिहा कर दिया।

Case title - Asharaf Khan Alais Nisrat vs State of U.P. 2026 LiveLaw (AB) 420

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