तीन जजों की पीठ सुनेगी तीस्ता सीतलवाड़ की पासपोर्ट जारी करने की याचिका: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (13 अप्रैल) को मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा पासपोर्ट जारी करने की मांग वाली विविध आवेदन (Miscellaneous Application) को तीन जजों की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
सीनियर एडवोकेट ने इस मामले का उल्लेख जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीष चन्द्र शर्मा की खंडपीठ के समक्ष किया। खंडपीठ ने कहा कि चूंकि मूल जमानत आदेश तीन जजों की पीठ द्वारा पारित किया गया था, इसलिए इस आवेदन को भी उसी स्तर की पीठ द्वारा सुना जाना उचित होगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों से जुड़े मामलों में कथित रूप से सबूत गढ़ने के आरोपों वाले मामले में तीस्ता सीतलवाड़ को नियमित जमानत प्रदान की थी। उस समय जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस ए.एस. बोपन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की तीन सदस्यीय पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज की गई थी।
हालांकि, जमानत देते समय सुप्रीम कोर्ट ने यह शर्त लगाई थी कि तीस्ता सीतलवाड़ का पासपोर्ट सत्र न्यायालय की हिरासत में रहेगा। इसी शर्त में ढील देने और पासपोर्ट जारी करने के लिए उन्होंने वर्तमान आवेदन दायर किया है।
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विशेष अनुमति के तहत विदेश यात्रा की इजाजत दी थी, जिसमें एम्स्टर्डम में उनकी डॉक्यूमेंट्री “CycleMahesh” के प्रीमियर और मलेशिया में एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए यात्रा शामिल थी। अब पासपोर्ट से जुड़ी उनकी याचिका पर तीन जजों की पीठ निर्णय लेगी।