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सुप्रीम कोर्ट ने कलेक्टर से वकील अशोक पांडे पर लगाए गए एक लाख रुपये के जुर्माने की वसूली पर मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता मोहम्मद फैजल की लोकसभा सदस्यता की बहाली को चुनौती देने वाली तुच्छ याचिका दायर करने के लिए लखनऊ के वकील पर लगाए गए जुर्माने की राशि भू-राजस्व के बकाए के रूप में क्यों नहीं वसूली गई।20 अक्टूबर, 2023 को याचिकाकर्ता एडवोकेट अशोक पांडे ने याचिका दायर कर दलील दी कि एक बार जब कोई सांसद आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण अपना पद खो देता है तो वह हाईकोर्ट द्वारा बरी किए जाने तक अयोग्य बना रहेगा।जस्टिस बी.आर. गवई,...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मुकदमा शुरू होने के बाद आरोपी को आरोपपत्र में शामिल दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति देने से इनकार नहीं किया जा सकता
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि किसी आरोपी को मुकदमा शुरू होने के बाद आरोपपत्र का हिस्सा बनने वाले दस्तावेजों की प्रमाणित या सत्यापित प्रति देने से इनकार नहीं किया जा सकता। दो आरोपियों को राहत देते हुए जस्टिस विकास महाजन ने कहा, “यह मानते हुए भी कि धारा 207 सीआरपीसी की कार्यवाही के चरण में आरोपी व्यक्तियों को हार्ड डिस्क की प्रति प्रदान की गई थी, फिर भी याचिकाकर्ता के आरोपपत्र का हिस्सा बनने वाले दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति मांगने के अधिकार को नकारा नहीं जा सकता।”अदालत ने कहा...
S. 245 CrPC | मजिस्ट्रेट के लिए आरोपी की डिस्चार्ज याचिका को स्वीकार/अस्वीकार करते समय कारण दर्ज करना अनिवार्य: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 245 के तहत किसी अभियुक्त द्वारा दायर डिस्चार्ज याचिका को न केवल स्वीकार करने के लिए बल्कि उसे खारिज करने के लिए भी मजिस्ट्रेट के लिए कारण दर्ज करना अनिवार्य है। जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एकल पीठ ने कानून के प्रावधान के तहत आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए कहा - धारा 245 में प्रयुक्त भाषा, "और ऐसा करने के लिए उसके कारण दर्ज करें" केवल उस मामले को संदर्भित नहीं कर सकती है जहां डिस्चार्ज के लिए आवेदन स्वीकार किया जाता है और तब नहीं जब उसे...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कस्टम डिपार्टमेंट को अरब नाबालिग के आभूषण जारी करने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीमा शुल्क विभाग (कस्टम विभाग) को संयुक्त अरब अमीरात से एक नाबालिग के निजी आभूषण जारी करने का आदेश दिया, जो एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए भारत आई थी।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और रजनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने तस्वीर देखने के बाद यह निर्देश दिया, जिसमें दिखाया गया कि वह बचपन से ही उक्त आभूषण पहनती थी।उन्होंने कहा,“न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के बाद कई आदेश/निर्णय सुनाए, जिसमें यह स्पष्ट रूप से माना गया कि यदि जब्त किए गए सोने के...
"न्यायालय की कार्यवाही पर टिप्पणियों को लेकर इतनी संवेदनशीलता क्यों?" ANI मानहानि मामले पर विकिपीडिया पेज हटाने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने ने विकिपीडिया फाउंडेशन द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें विकिपीडिया के खिलाफ समाचार एजेंसी एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) द्वारा शुरू की गई मानहानि की कार्यवाही से संबंधित चर्चाओं और विकिपीडिया पेज को हटाने का निर्देश दिया गया था।जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के निर्देश और इस टिप्पणी के बारे में चिंता व्यक्त की कि सामग्री चल रही अदालती कार्यवाही में हस्तक्षेप करने के बराबर...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जुलाई से एक दिन पहले सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को वेतन वृद्धि देने से इनकार करने पर केंद्र और रेलवे पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निदेशक (प्रशासन और मानव संसाधन) KPTCL और अन्य बनाम सीपी मुंदिनामणि और अन्य और यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य बनाम एम सिद्धराज मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को काल्पनिक वेतन वृद्धि का लाभ देने से इनकार करने के लिए यूनियन ऑफ इंडिया और भारतीय रेलवे के विभिन्न विभागों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। याचिकाकर्ता रेलवे सुरक्षा बल के बारह कर्मचारी अलग-अलग वर्षों में 30 जून को सेवानिवृत्त हुए। 30 जून को सेवानिवृत्त होने पर...
S. 239 CrPC| अभियुक्त को तब बरी किया जा सकता है, जब अभियोजन सामग्री, जिसका भले ही खंडन न किया गया हो, दोषसिद्धि का संकेत न दे: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने दोहराया कि किसी अभियुक्त को तब बरी कर दिया जाना चाहिए जब आरोप तय करने के लिए विचार के समय प्रस्तुत सामग्री ऐसी प्रकृति की हो कि यदि उसका खंडन न किया जाए तो भी वह अभियुक्त की दोषसिद्धि का संकेत नहीं देती। दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 239 के तहत अभियुक्त को बरी करने के लिए कानून के सिद्धांतों को लागू करते हुए जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस सावित्री राठो की खंडपीठ ने कहा -“यदि यह मानने का कोई आधार नहीं है कि अभियुक्त ने कोई अपराध किया है तो आरोपों को निराधार माना जाना...
पार्टी अपने वकील से मामले की स्थिति के बारे में जानकारी ले सकती है, वकील से संवाद की कमी मात्र अपील दायर करने में देरी को माफ करने का आधार नहीं है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने ढाई साल की रोक के बाद निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को खारिज करने के खिलाफ दायर चुनौती को खारिज करते हुए कहा कि वह केवल इस आधार पर देरी को माफ नहीं कर सकता कि याचिकाकर्ता को उसके वकील ने निचली अदालत द्वारा पारित आदेश के बारे में सूचित नहीं किया, जबकि उसके वकील ने अपने मामले की स्थिति के बारे में पूछने में विफलता का कोई औचित्य नहीं दिया। जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की पीठ एक पति ("याचिकाकर्ता") द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसके खिलाफ जुलाई 2023 में...
डोमिनोज़ ट्रेडमार्क उल्लंघन: दिल्ली हाईकोर्ट ने डोमिनिक पिज्जा, डोमिनडो पिज्जा को ज़ोमैटो और स्विगी से हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने डोमिनोज़ द्वारा दायर ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में विभिन्न रेस्तराओं को पिज्जा बेचते समय और साथ ही अपने पैकेजिंग और मेनू कार्ड में डोमिनिक पिज्जा और डोमिन्डो पिज्जा चिह्नों का उपयोग करने से रोक दिया।जस्टिस मिनी पुष्करना ने स्विगी और ज़ोमैटो को अपने प्लेटफ़ॉर्म से आउटलेट की लिस्टिंग हटाने का निर्देश दिया।न्यायालय ने कहा कि डोमिनोज़ ने निषेधाज्ञा देने के लिए प्रथम दृष्टया मामला प्रदर्शित किया और यदि कोई एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा नहीं दी जाती है तो उसे अपूरणीय क्षति...
सुप्रीम कोर्ट ने ऑरोविले टाउनशिप परियोजना पर NGT की रोक खारिज की, कहा- विकास पर्यावरण संरक्षण जितना ही महत्वपूर्ण
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) का आदेश खारिज कर दिया, जिसमें ऑरोविले फाउंडेशन को पुडुचेरी में अपने टाउनशिप में विकासात्मक गतिविधियों से रोक दिया गया था।जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की खंडपीठ ने अप्रैल, 2022 में NGT दक्षिणी क्षेत्र पीठ द्वारा पारित आदेश के खिलाफ ऑरोविले फाउंडेशन द्वारा दायर अपील को स्वीकार की, जिसमें फाउंडेशन को पर्यावरण मंजूरी प्राप्त होने तक अपनी विकासात्मक गतिविधियों से रोक दिया गया था।फैसला सुनाते हुए जस्टिस त्रिवेदी ने कहा कि विकास का...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गौतम अडानी को 2012 में 388 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में राहत दी
उद्योगपति गौतम अडानी, अडानी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन और इसके प्रबंध निदेशक राजेश अडानी को राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें 388 करोड़ रुपये के कथित बाजार रेगुलेशन उल्लंघन मामले में उन्हें आरोपमुक्त करने से इनकार कर दिया गया था।सिंगल जज जस्टिस राजेश लड्ढा ने मुंबई की एक सेशन कोर्ट द्वारा नवंबर 2019 में पारित आदेश रद्द कर दिया गया, जिसमें कहा गया कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने उक्त बाजार रेगुलेशन उल्लंघन मामले में अडानी के खिलाफ मामला...
30 साल पहले दी गई मंजूरी को इस आधार पर वापस नहीं लिया जा सकता कि पद सक्षम प्राधिकारी द्वारा सृजित नहीं किया गया: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि 30 साल पहले स्वीकृत किसी पद के लिए मंजूरी को केवल इस आधार पर वापस नहीं लिया जा सकता कि उसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा सृजित नहीं किया गया था। इसने माना कि ऐसे पद पर कार्यरत व्यक्ति को 30 साल तक लगातार काम करने और धोखाधड़ी या कदाचार के आरोपों के बिना भुगतान किए जाने के बाद वेतन से वंचित नहीं किया जा सकता।मदरसा जामिया आलिया अरबिया अलीनगर मऊ गैर-सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थान है, जिसका संचालन और प्रबंधन जमीला आलिया अरबिया, मऊ नामक सोसायटी द्वारा किया जाता है,...
सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में अवैध भूमि आवंटन मामले में गुजरात के पूर्व IPS अधिकारी प्रदीप शर्मा की जमानत याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कच्छ के भुज में दर्ज 2023 के अवैध भूमि आवंटन मामले के संबंध में सेवानिवृत्त IPS अधिकारी प्रदीप निरंकारनाथ शर्मा की जमानत खारिज की।शर्मा पर कच्छ जिले के तत्कालीन कलेक्टर के रूप में मौद्रिक लाभ के लिए सरकारी भूमि के कथित अवैध आवंटन के लिए भ्रष्टाचार और आपराधिक विश्वासघात का आरोप है। उनके खिलाफ 2023 में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 439 के तहत FIR दर्ज की गई थी, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 217, 120 बी, 114 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 (सी) के तहत दंडनीय अपराध के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने AMU को लेक्चरर पोस्ट्स के लिए भविष्य के विज्ञापनों में स्पष्टता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि वह लेक्चरर पोस्ट्स के लिए अपने भविष्य के विज्ञापनों में सतर्क और सटीक रहें, यह सुनिश्चित करते हुए कि पात्रता मानदंडों के बारे में कोई अस्पष्टता न हो।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने अपने आदेश के ऑपरेटिव भाग में कहा,"इस तरह की अस्पष्टता को दूर किया जाना चाहिए, यानी शब्दों का चयन सावधानी से किया जाना चाहिए और अस्पष्ट शब्दों "संबंधित/प्रासंगिक/संबद्ध विषय" के बजाय यूनिवर्सिटी को योग्यता के बारे में...
कोई भी पति पत्नी की फोन पर 'अश्लील चैटिंग' बर्दाश्त नहीं करेगा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मानसिक क्रूरता के आधार पर तलाक बरकरार रखी
फैमिली कोर्ट द्वारा पारित फैसला बरकरार रखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा कि पति की आपत्तियों के बावजूद, यदि पत्नी अन्य पुरुषों के साथ अश्लील चैटिंग में शामिल है, तो यह मानसिक क्रूरता के बराबर होगा और हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत तलाक का आधार होगा।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस गजेंद्र सिंह की खंडपीठ ने कहा,"पत्नी या पति से यह अपेक्षा नहीं की जाती है कि वे विवाह के बाद भी किसी पुरुष या महिला मित्र के साथ चैटिंग करके अभद्र या अश्लील बातचीत करें। कोई भी पति यह बर्दाश्त...
सरकारी लॉ ऑफिसर में कम से कम 30% महिलाएं होनी चाहिए: जस्टिस बी.वी. नागरत्ना
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि सरकारी लीगल अधिकारियों में कम से कम 30% महिलाएं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी लीगल सलाहकारों में कम से कम 30% महिलाएं होनी चाहिए, इसी तरह सभी राज्य संस्थाओं और एजेंसियों में भी।शनिवार को "ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग: वूमेन हू मेड इट" विषय पर सेमिनार में बोलते हुए जस्टिस नागरत्ना ने उन विभिन्न कदमों पर चर्चा की जो पेशेवर क्षेत्रों, विशेष रूप से विधि पेशे में लैंगिक बाधाओं को खत्म करने के लिए आवश्यक हैं।जस्टिस नागरत्ना...
NI Act में Cheque, Promissory Note और Exchange Bill में अंतर
NI Act Cheque, Promissory Note और Exchange Bill तीनों मामलो में लागू होता है और इन तीनों में समानता होते हुए भी अंतर है।चेक एवं Exchange Bill में अन्तरप्रकृतित: चेक एवं Exchange Billसमान होते हैं, क्योंकि एक चैक Exchange Billहोता है, यद्यपि कि इन दोनों में मौलिक अन्तर होता है जिसे निम्नलिखित शीर्षकों में स्पष्ट किया जा सकता है-ऊपरवाल के सम्बन्ध में एक चेक सदैव किसी बैंक पर लिखा जाता है, जबकि एक Exchange Billबैंक को सम्मिलित करते हुए किसी भी व्यक्ति पर लिखा जा सकता है।माँग पर देय- एक चेक सदैव...
NI Act में Cheque किसे कहा जाता ?
NI Act में अलग अलग तरह के इंस्ट्रूमेंट हैं जो किसी रूपये के भुगतान के बदले जारी किये जाते हैं। Exchange Billअधिनियम, 1882 (आंग्ल) की धारा 73 में चेक को कुछ इन शब्दों में परिभाषित किया है:-"एक चेक Exchange Billहै जो किसी बैंकर पर लिखा जाता है और माँग पर देय होता है।"चेक की इस परिभाषा के अध्ययन से यह स्पष्ट है कि चेक, Exchange Billका संकीर्ण वर्ग है, चेक की विस्तृत परिभाषा दोनों परिभाषाओं अर्थात् Exchange Billएवं चेक के समामेलन से प्राप्त किया जा सकता है।सभी चेक Exchange Billहोते हैं, लेकिन सभी...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (10 मार्च, 2025 से 14 मार्च, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।Motor Accident Claims | कानूनी प्रतिनिधि वह होता है जिसे नुकसान होता है, जरूरी नहीं कि वह मृतक का जीवनसाथी, बच्चा या माता-पिता हो : सुप्रीम कोर्टहाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत कानूनी प्रतिनिधि शब्द की संकीर्ण व्याख्या नहीं की जानी चाहिए, जिससे उन लोगों को...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (10 मार्च, 2025 से 14 मार्च, 2024) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।90% श्रवण बाधित अभ्यर्थी को गलती से दिव्यांग श्रेणी में नहीं माना गया: राजस्थान हाईकोर्ट ने मानवीय आधार पर नियुक्ति का निर्देश दियाराजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य को याचिकाकर्ता को नियुक्ति देने का निर्देश दिया, जो 90% श्रवण बाधित है और उसने 2018 में सफाई कर्मचारी के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन कुछ...




















