ताज़ा खबरे
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के DGP और DIG के चयन और नियुक्ति के नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
झारखंड हाईकोर्ट ने भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें झारखंड पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक (पुलिस बल प्रमुख) नियम, 2025 के चयन और नियुक्ति, विशेष रूप से नियम 4, 5 (सी) और 10 को मनमाना, अनुचित और अधिकार-बाह्य बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने 24 मार्च को मामले की सुनवाई की और इसे 16 जून को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। अदालत ने प्रतिवादियों से अपना...
S.200 CrPC/S.227 BNSS | सुप्रीम कोर्ट ने मजिस्ट्रेट से आरोपियों को बुलाने से पहले शिकायतों की सच्चाई का पता लगाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (26 मार्च) को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत चेक अनादर के अपराध के लिए दायर शिकायत खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने तथ्यों को छिपाया और ऋण दस्तावेजों को रोककर न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया।कोर्ट ने कहा कि तथ्यों को दबाकर आपराधिक कानून को लागू नहीं किया जा सकता।कोर्ट ने कहा,“CrPC की धारा 200 के तहत शिकायत दर्ज करते समय और शिकायत के समर्थन में शपथ पर अपना बयान दर्ज करते समय, चूंकि शिकायतकर्ता तथ्यों और दस्तावेजों को दबाता है, इसलिए उसे...
सुप्रीम कोर्ट ने अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण को आसान बनाने की मांग वाली याचिका में केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को NOC जारी करने का निर्देश दिया
अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया को आसान बनाने से संबंधित याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने (24 मार्च) CARA को गोद लेने की प्रक्रिया को स्थिर करने के लिए 4 सप्ताह में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का निर्देश दिया।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एससी शर्मा की खंडपीठ यूनाइटेड किंगडम में रहने वाली 49 वर्षीय एकल भारतीय महिला द्वारा दो बच्चों को अंतर-देशीय गोद लेने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।न्यायालय ने अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण को आसान बनाने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गैर-मौजूद सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देने वाले ट्रायल जज के खिलाफ जांच और कार्रवाई के आदेश दिए
कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट जज के खिलाफ जांच करने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसने वाद की वापसी के लिए दायर आवेदन को खारिज करने के लिए संबंधित न्यायालयों के रिकॉर्ड पर गैर-मौजूद निर्णयों पर भरोसा किया।जस्टिस आर देवदास ने कहा,"इससे भी अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि सिटी सिविल कोर्ट जज ने दो ऐसे निर्णयों का हवाला दिया, जिन पर सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य न्यायालय ने कभी निर्णय नहीं लिया। वादी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वादी के एडवोकेट ने ऐसे निर्णयों...
दिल्ली में 33% पेड़ /वन क्षेत्र प्राप्त करने की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) द्वारा प्रस्तावित दिल्ली में 33 प्रतिशत या उससे अधिक हरित क्षेत्र के लक्ष्य को प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया।जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ दिल्ली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने के मुद्दे पर एमसी मेहता मामले की सुनवाई कर रही थी।न्यायालय ने कहा, "उद्देश्यों को निर्धारित करने वाले पैराग्राफ 3 में, भौगोलिक क्षेत्र के 33% के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हरित क्षेत्र को बढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रयास वृक्ष/वन क्षेत्र के 33% या उससे भी अधिक...
सुप्रीम कोर्ट ने MP/MLAs पर दोषसिद्धि के बाद आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका दूसरी बेंच को सौंपने से किया इनकार
जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने MP/MLAs के खिलाफ आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटारे और दोषसिद्धि के बाद उक्त वर्ग के राजनेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग वाली 2016 की जनहित याचिका को दूसरी बेंच को सौंपने से इनकार किया।जस्टिस कांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच से सीनियर एडवोकेट विजय हंसारिया (एमिक्स क्यूरी के रूप में कार्य कर रहे) ने अनुरोध किया कि मामले को उस बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसका हिस्सा जस्टिस सिंह नहीं हैं, जाहिर तौर पर इस कारण से कि उन्होंने और...
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के दो पत्रकारों से जातिगत भेदभाव पर लेख को लेकर दर्ज FIR के खिलाफ वैकल्पिक उपाय अपनाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पत्रकारों अभिषेक उपाध्याय और ममता त्रिपाठी द्वारा दायर दो रिट याचिकाओं का निपटारा कर दिया, जिसमें उन्होंने राज्य में जिम्मेदार पदों पर तैनात विशेष जाति के लोगों की पहचान करने वाला लेख प्रकाशित करने के बाद उनके खिलाफ दर्ज FIR के खिलाफ सुरक्षा की मांग की थी। उक्त लेख के प्रकाशन के बाद और X (पूर्व में ट्विटर) पर कहानी पोस्ट करने के बाद 2024 में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। हालांकि, इसने पक्षों को उचित उपाय तलाशने की अनुमति देने के लिए चार सप्ताह तक गिरफ्तारी के खिलाफ...
NI Act में डिलीवरी और Negotiation
जहाँ Negotiation से भिन्न किसी अन्य प्रयोजन के लिए लिखत को परिदत्त किया गया है, अर्थात् सुरक्षित अभिरक्षा या बैंक की उगाही के लिए या किसी ऋणदाता को प्रतिभूति के रूप में, ऐसा धारक सिवाय सम्यक् अनुक्रम में धारक को छोड़कर सही मायने में लिखत का धारक नहीं होगा।परक्रमण से संबंधित धारा 46 दो तत्वों को प्रावधानित करती हैलिखतों के लिखने, प्रतिग्रहीत या पृष्ठांकन करने के लिए परिदान आवश्यक हैपरक्रामण के तरीके, जो हो सकते हैंपरिदान द्वारा- जहाँ लिखत वाहक को देय हैपृष्ठांकन एवं परिदान द्वारा- जहाँ लिखत...
NI Act की धारा 14 के प्रावधान
इस अधिनियम की धारा 14 Negotiation को परिभाषित करती है, जबकि वचन पत्र, विनिमय पत्र या चेक किसी व्यक्ति को ऐसे अन्तरित कर दिया जाता है कि वह व्यक्ति उसका धारक हो जाता है तब यह कहा जाता है कि वह उसमें पृष्ठांकित करता है और वह पृष्ठांकक कहलाता है। इस प्रकार लिखत का Negotiation केवल लिखत के सम्पत्ति का (स्वामित्व) का अन्तरण होता है जिसके अधीन कोई व्यक्ति इसका धारक हो जाता है।Negotiation लिखत का सबसे प्रमुख लक्षण उसकी परक्राम्यता का है । इसका संकल्पनीय पहलू अन्तरणीयता के सम्बन्ध में समझा जा सकता है।...
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति के लिए यह अप्रासंगिक है कि उम्मीदवार ने स्नातक किया है या स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मेरिट सूची न्यूनतम योग्यता यानी हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की योग्यता के आधार पर तैयार की जानी चाहिए, न कि स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री के आधार पर।याचिकाकर्ता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर अपने चयन पर विचार करने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन उसका आवेदन इसलिए अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि वह...
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों को वकीलों की हड़ताल पर बिना शर्त माफ़ी मांगने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने 26 मार्च मध्य प्रदेश के सिवनी जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों को बिना शर्त माफ़ी मांगने का निर्देश दिया, जिन्होंने मार्च 2024 में अधिवक्ताओं की हड़ताल का आह्वान किया था। यह हड़ताल न्यायालय परिसर की भूमि के आवंटन को लेकर बिना एसोसिएशन से परामर्श किए लिए गए निर्णय के विरोध में बुलाई गई थी।चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सिवनी जिला बार एसोसिएशन के 10 सदस्यों को एक महीने तक...
राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ा मामला विचाराधीन: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
केंद्र सरकार ने बुधवार (26 मार्च) को दिल्ली हाईकोर्ट में बताया कि कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से जुड़ा मामला गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन है।एएसजी चेतन शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ से कहा, "मामला मंत्रालय के विचाराधीन है।"स्वामी ने राहुल गांधी के खिलाफ अपनी शिकायत पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की।शर्मा...
Land Acquisition | बड़े क्षेत्रों को छोटे भूखंडों के समान कीमत नहीं मिलती; आकार के कारण कुछ कटौती अनुमेय : सुप्रीम कोर्ट
यह देखते हुए कि बड़े क्षेत्रों की कीमत छोटे भूखंडों के समान नहीं होती, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भूमि अधिग्रहण कार्यवाही में मुआवजा निर्धारित करते समय क्षेत्रफल के आधार पर भूमि की बाजार दरों में 10% की कटौती को उचित ठहराया।न्यायालय ने टिप्पणी की,“यह भी कानून का स्थापित सिद्धांत है कि बड़े क्षेत्रों की कीमत छोटे भूखंडों के समान नहीं होती। इसलिए क्षेत्रफल के आकार के आधार पर कुछ कटौती भी सामान्य रूप से अनुमेय है। इस प्रकार, मुआवजे की दर निर्धारित करने के लिए कम से कम 10% की कटौती लागू की जानी...
'हमें यह कहने का कोई अधिकार नहीं कि आम आदमी को न्यायपालिका पर भरोसा है': सुप्रीम कोर्ट जज ने ऐसा क्यों कहा
एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अभय एस ओक ने ट्रायल कोर्ट में लंबित मामलों की लंबी अवधि, देश भर में न्यायिक बुनियादी ढांचे की स्थिति और मामलों के निपटान में देरी के कारण विचाराधीन कैदियों की पीड़ा के बारे में चिंता जताई।जस्टिस ओक संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत मंडपम में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान दे रहे थे। व्याख्यान का विषय "न्याय तक पहुंच और संविधान के 75 वर्ष - न्यायपालिका और नागरिकों के बीच की खाई को...
सुप्रीम कोर्ट ने राजनेताओं और जजों को हनी ट्रैप में फंसाने के आरोप में CBI जांच की मांग वाली याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने वह जनहित याचिका खारिज की, जिसमें कर्नाटक के विधायकों, राजनीतिक नेताओं और जजों को हनी ट्रैप में फंसाने के हालिया आरोपों की CBI द्वारा अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी।बिनय कुमार सिंह द्वारा दायर याचिका राज्य के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना द्वारा 20 मार्च को साझा किए गए हालिया उदाहरण से संबंधित है, जिसमें उन्हें और राजनेताओं सहित लगभग 47 अन्य हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों को हनी ट्रैप में फंसाने के कथित प्रयासों का आरोप लगाया गया। याचिका में मांग की गई कि जांच की निगरानी या...
अगर JAG पद जेंडर रूप से न्यूट्रल हैं तो महिलाओं को कम क्यों अनुमति दी गई?' सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा
'सुप्रीम कोर्ट ने जज एडवोकेट जनरल (JAG) के पद पर महिलाओं की कम रिक्तियों के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया। इसने केंद्र सरकार से पूछा कि JAG पद जेंडर रूप से न्यूट्रल होने के अपने दावे के बावजूद, उसने समान रूप से योग्य महिलाओं की तुलना में पुरुषों को प्राथमिकता क्यों दी।इस रिट याचिका में याचिकाकर्ताओं ने JAG एडमिश पॉलिसी 31वें कोर्स के लिए 18.01.2023 की अधिसूचना को चुनौती दी, जिसमें लॉ ग्रेजुएट (पुरुष और महिला) से आवेदन आमंत्रित किए गए। यह बताया गया कि छह रिक्तियां पुरुषों के लिए निर्धारित हैं, जबकि...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पैनल एडवोकेट से कथित अतिरिक्त फीस की एकतरफा वसूली के FCI के आदेश को रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा एक पैनल में शामिल एडवोकेट से कथित रूप से अधिक भुगतान की गई फीस की वसूली के लिए जारी आदेशों को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह निर्णय प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर दिया। अदालत ने कहा कि अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एक कलंककारी आदेश पारित किया, जिससे याचिकाकर्ता को उन सेवाओं के लिए मुआवजे से वंचित किया जा रहा था, जो उन्होंने प्रदान की थीं।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने कहा कि...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सांसद इंजीनियर राशिद को 'हिरासत में' रहते संसद जाने की अनुमति दी, फोन व मीडिया से बातचीत पर रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद, जो इस समय जेल में बंद हैं, को 26 मार्च से 4 अप्रैल तक चलने वाले संसद सत्र के दूसरे चरण में "हिरासत में रहते हुए" शामिल होने की अनुमति दे दी है।जस्टिस चंद्र धारी सिंह और जस्टिस अनुप जयराम भांभानी की खंडपीठ ने महानिदेशक (कारागार) को निर्देश दिया कि राशिद को पुलिस सुरक्षा में जेल से संसद तक लाया जाए और हर सत्र के दौरान हिरासत में रखते हुए लोकसभा कार्यवाही में शामिल होने दिया जाए।अदालत ने आदेश दिया, "संसद भवन में, अपीलकर्ता (राशिद) को संसद...
एंटी-डंपिंग शुल्क निर्धारण एक समयबद्ध प्रक्रिया, न्यायालय हस्तक्षेप से रहेगा सावधान: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) द्वारा एंटी-डंपिंग शुल्क के निर्धारण को चुनौती देने वाली रिट याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं। हालांकि, चूंकि यह प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाती है, इसलिए अदालतें इसमें आसानी से हस्तक्षेप नहीं करेंगी।एंटी-डंपिंग जांच यह निर्धारित करती है कि क्या कोई उत्पाद कम कीमत पर देश में आयात किया जा रहा है, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है। यदि यह सत्य पाया जाता है, तो DGTR ऐसे उत्पादों के आयातकों पर एंटी-डंपिंग...
ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड बनाने में कितना समय लगेगा? पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि राज्य में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड गठित करने में कितना समय लगेगा।जस्टिस कुलदीप तिवारी ने मामले की अगली सुनवाई 03 अप्रैल के लिए निर्धारित करते हुए कहा, "यह स्पष्ट किया जाता है कि अगली सुनवाई की तारीख पर किसी भी पक्ष की ओर से स्थगन की कोई मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।"यह याचिका ममता बाबा द्वारा दायर की गई थी, जो खुद को ट्रांसजेंडर व्यक्ति के रूप में पहचानती हैं। याचिका में ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम,...




















