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क्या संदेहजनक परिस्थितियों के आधार पर वसीयत को अमान्य किया जा सकता है?
सुप्रीम कोर्ट ने स्वर्णलता बनाम कलावती मामले में भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (Indian Succession Act, 1925) के तहत वसीयत की वैधता (Validity) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया। इस मामले में मुख्य प्रश्न यह था कि क्या वसीयत संदिग्ध परिस्थितियों से ग्रस्त थी और क्या इसे रद्द (Invalidate) किया जाना चाहिए।यह निर्णय वसीयत से जुड़े कानूनी सिद्धांतों (Legal Principles) पर प्रकाश डालता है, जैसे कि वसीयत को मान्यता देने के लिए क्या आवश्यक शर्तें होती हैं और कब इसे चुनौती दी जा सकती है। अदालत...
डॉ. पायल तड़वी की मां ने प्रदीप घरात को SPP के पद से हटाने के राज्य के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी, कहा कि वे प्रभावी ढंग से मुकदमा चला रहे थे
दिवंगत डॉ. पायल तड़वी की मां ने डॉ. पायल की आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ मामले में प्रदीप घरात को विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) के पद से हटाने को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। डॉ. पायल तड़वी की मां और मुखबिर अबेदा तड़वी ने 7 मार्च की सरकारी अधिसूचना के जरिए एसपीपी घरात को मामले से हटाने को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। उनका कहना है कि घरात को बिना किसी कारण के और अभियोजन पक्ष के मामले का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व करने के बावजूद मामले से...
गलत तरीके से गिरफ्तारी पर मुआवजा: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 399
व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal Liberty) प्रत्येक लोकतांत्रिक समाज का एक मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है। भारत में, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत, प्रत्येक व्यक्ति को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Life and Personal Liberty) प्राप्त है। यह अधिकार सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति को कानूनन उचित प्रक्रिया (Legal and Just Procedure) के बिना स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता।लेकिन कई बार गलत गिरफ्तारी (Wrongful Arrest) हो जाती है, जो या तो गलत जानकारी, व्यक्तिगत दुश्मनी,...
धारा 15 राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम, 2001: किरायेदार बेदखली के लिए प्रक्रिया
राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम, 2001 (Rajasthan Rent Control Act, 2001) मकान मालिक (Landlord) और किरायेदार (Tenant) के बीच संबंधों को नियंत्रित करता है। इस अधिनियम की धारा 15 (Section 15) में किरायेदार को बेदखल (Eviction) करने की प्रक्रिया बताई गई है।यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताती है कि मकान मालिक या संपत्ति पर अधिकार (Possession) का दावा करने वाला कोई भी व्यक्ति किस तरह किरायेदार को कानूनी रूप से हटाने के लिए न्यायाधिकरण (Tribunal) में याचिका (Petition) दायर कर सकता है। किरायेदार बेदखली के...
धारा 7, 8 और 9 राजस्थान न्यायालय शुल्क और वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 के तहत बाज़ार मूल्य निर्धारण, सेट ऑफ और काउंटर क्लेम
बाज़ार मूल्य निर्धारण (Determination of Market Value) - धारा 7राजस्थान न्यायालय शुल्क और वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 (Rajasthan Court Fees and Suits Valuation Act, 1961) में यह निर्धारित किया गया है कि किसी संपत्ति (Property) का बाज़ार मूल्य (Market Value) कैसे तय किया जाएगा, क्योंकि न्यायालय शुल्क (Court Fees) का निर्धारण इसी पर निर्भर करता है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि संपत्तियों का मूल्यांकन न्यायसंगत तरीके से किया जाए। मूल्यांकन की तिथि (Date for Determining Market Value) धारा 7(1)...
लंबी देरी के बाद घर खरीदार को जबरन फ्लैट का कब्जा लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, रिफंड का हकदार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि घर खरीदारों को अनुचित देरी के बाद जबरन संपत्ति का कब्जा स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता और यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर यूनिट का कब्जा नहीं दिया जाता, तो वे धनवापसी के हकदार हैं।जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की, जो एक घर खरीदार के धनवापसी के अधिकार से संबंधित था, जब डेवलपर उचित समय के भीतर फ्लैट का कब्जा देने में विफल रहता है।एक घर खरीदार ने 2009 में नागपुर हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट बोर्ड की एक परियोजना...
KWA Service | असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में नियुक्त होने के बाद पदोन्नति के लिए डिग्री या डिप्लोमा कोटा चुनने का अधिकार खुला रहता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केरल जल प्राधिकरण (KWA) के 'सीधे भर्ती' और 'पदोन्नत' असिस्टेंट इंजीनियर के बीच सीनियरिटी विवाद पर केरल हाईकोर्ट का फैसला खारिज कर दिया। न्यायालय ने माना कि केरल लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी अधीनस्थ सेवा नियम, 1966 (अधीनस्थ सेवा नियम) और केरल लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी सेवा विशेष नियम, 1960 (विशेष नियम) पूरी तरह से अलग-अलग कैडर को नियंत्रित करते हैं। न्यायालय ने आगे कहा कि विशेष नियमों का नियम 4(बी) असिस्टेंट इंजीनियर के रूप में नियुक्ति के बाद ही लागू होता हैय़ इसे निम्न पदोन्नति...
यदि मशीन का उपयोग कर्मचारी करते हैं, तो इसे 'स्वरोजगार' के लिए खरीद नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक निर्णय दिया कि जब कोई उत्पाद खरीदार के कर्मचारियों द्वारा किसी स्थापित कामर्शियल उद्यम में उपयोग करने के लिए खरीदा जाता है, न कि स्वयं खरीदार द्वारा, तो ऐसे में खरीदार को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत 'उपभोक्ता' नहीं माना जा सकता।अदालत ने आगे यह भी टिप्पणी की कि यदि कोई खरीदार किसी उत्पाद का उपयोग 'स्वरोजगार' के लिए करता है, तो उसे अधिनियम के तहत 'उपभोक्ता' माना जा सकता है, लेकिन प्रत्येक मामले के तथ्यों की जांच आवश्यक होगी।जस्टिस ए.एस. ओक और जस्टिस उज्जल...
मकान मालिक को अपनी वास्तविक जरूरत के लिए संपत्ति चुनने का विशेष अधिकार, किरायेदार को वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सकता: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने माना कि वास्तविक आवश्यकता के आधार पर बेदखली के मामलों में, मकान मालिक ही यह तय करने के लिए सबसे अच्छा जज है कि उसकी कौन सी संपत्ति उसकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक है, और किरायेदार वैकल्पिक व्यवस्था तय नहीं कर सकता। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने किरायेदार की इस दलील को खारिज करते हुए कि वैकल्पिक परिसर उपलब्ध थे, कहा, "मकान मालिक की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर किरायेदार को मुकदमे के परिसर से बेदखल करने के संबंध में कानून अच्छी तरह से स्थापित है। आवश्यकता वास्तविक...
Cash Row | जस्टिस यशवंत के खिलाफ एकजुट हुईं विभिन्न हाईकोर्ट्स की बार एसोसिएशन, सीजेआई से आपराधिक जांच शुरू करने का किया आग्रह
जस्टिस यशवंत वर्मा के नकदी विवाद से संबंधित घटनाक्रम में विभिन्न हाईकोर्ट्स के कई बार एसोसिएशनों ने संयुक्त बयान जारी कर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना से जस्टिस वर्मा के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने और जज को इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की सिफारिश वापस लेने का अनुरोध किया।आधिकारिक संयुक्त बयान में निम्नलिखित अनुरोध किया गया:"बार एसोसिएशन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया द्वारा पारदर्शिता अपनाने और दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की रिपोर्ट और अन्य सामग्रियों को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर...
इंजीनियर राशिद ने संसद में भाग लेने के लिए प्रतिदिन 1.45 लाख यात्रा व्यय का भुगतान करने की जेल अधिकारियों की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर संसद सत्र के दूसरे भाग में भाग लेने के लिए प्रतिदिन 1.45 लाख रुपये यात्रा व्यय का भुगतान करने की शर्त को माफ करने की मांग की, जो 04 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।यह शर्त 25 मार्च को खंडपीठ द्वारा पारित आदेश का हिस्सा है, जिसमें राशिद को संसद में हिरासत में भाग लेने की अनुमति दी गई। शर्त के अनुसार उक्त यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च अपीलकर्ता (राशिद) द्वारा वहन किया जाएगा।एक तत्काल आवेदन में राशिद ने शर्त को माफ करने की...
राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश: चयन प्रक्रिया समाप्त मानकर मूल दस्तावेज वापस लेने पर महिला की क्लर्क नियुक्ति से इनकार गलत
राजस्थान हाईकोर्ट ने महिला को क्लर्क के रूप में नियुक्ति देने का निर्देश दिया, जिसने चौथी प्रतीक्षा सूची में उम्मीदवारों की तुलना में अधिक अंक प्राप्त किए लेकिन उसे इस आधार पर नियुक्ति देने से मना कर दिया गया कि तीन पूरक चयन सूचियाँ जारी होने और प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उसने अपने मूल दस्तावेज वापस ले लिए और एक पूर्व-टाइप किए गए हलफनामे पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कहा गया कि वह भविष्य में इस पद के लिए कोई दावा नहीं करेगी।जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा कि राज्य ने खुद ही अपने मूल दस्तावेजों को अत्यधिक...
दिल्ली दंगों के आरोपी ने बेटी की शैक्षणिक फीस के लिए धन की व्यवस्था करने के लिए अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया, कल होगी सुनवाई
2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में बड़ी साजिश का आरोप लगाने वाले UAPA मामले के आरोपी मोहम्मद सलीम खान ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर दो सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगी।खान ने अपनी बेटी की शैक्षणिक फीस के लिए धन की व्यवस्था करने के लिए राहत मांगी, जो BA LLB की पढ़ाई कर रही है।मामले की सुनवाई जस्टिस चंद्र धारी सिंह और जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की खंडपीठ ने की।शुरुआत में जस्टिस सिंह ने खान के वकील से कहा कि आरोपी की अंतरिम जमानत को उस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए, जो उनके द्वारा...
AAP नेता सोमनाथ भारती ने विधानसभा चुनाव में BJP के सतीश उपाध्याय की जीत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सोमनाथ भारती ने गुरुवार को हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मालवीय नगर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सतीश उपाध्याय की जीत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।उपाध्याय ने 39,564 मतों के साथ सीट जीतकर भारती को हराया। भारती को कुल 37,433 मत मिले।भारती ने जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 के तहत भ्रष्ट आचरण के आधार पर उपाध्याय की जीत को चुनौती दी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उपाध्याय के खिलाफ शिकायत या FIR लंबित है।इस मामले की जस्टिस जसमीत सिंह...
वकीलों ने ट्रायल कोर्ट में हंगामा किया, जज से दुर्व्यवहार किया और आरोपियों को कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया, हाईकोर्ट ने जारी किया अवमानना नियम
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बशीरहाट कोर्ट के छह वकीलों के खिलाफ अवमानना नियम जारी किया, जिन्होंने 2012 में कथित तौर पर कोर्ट रूम के अंदर हंगामा किया था, ट्रायल जज से दुर्व्यवहार किया था वादियों को धमकाया और हंगामे की आड़ में आरोपियों को कोर्ट रूम के अंदर से बाहर निकाला था।जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस शब्बार रशीदी की खंडपीठ ने कहा,"जिन छह लोगों के खिलाफ वर्तमान कार्यवाही में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, उन्होंने आंदोलन की आड़ में आपराधिक मामले में कुछ आरोपियों को कोर्ट रूम के अंदर से बाहर निकाला...
दिल्ली हाईकोर्ट ने एलजी वीके सक्सेना के खिलाफ मानहानि मामले में नया गवाह पेश करने से इनकार के खिलाफ मेधा पाटकर की याचिका पर नोटिस जारी किया
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता और कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) विनय कुमार सक्सेना के खिलाफ दर्ज मानहानि मामले को साबित करने के लिए अतिरिक्त गवाह पेश करने और उससे पूछताछ करने की अपनी अर्जी खारिज होने के खिलाफ गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस शालिंदर कौर ने याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले में सक्सेना से जवाब मांगा।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि यह पिछले 24 सालों से लंबित सबसे पुराने मामलों में से एक है। इस पर पाटकर के वकील ने कहा...
दिल्ली हाईकोर्ट ने CAA विरोधी प्रदर्शन मामले में आरोप तय करने को चुनौती देने वाली शरजील इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया
शरजील इमाम ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया और शहर के जामिया नगर इलाके में 2019 के CAA विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा से संबंधित मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने को चुनौती दी।जस्टिस संजीव नरूला ने याचिका पर नोटिस जारी किया और मामले में दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा।इमाम का प्रतिनिधित्व वकील तालिब मुस्तफा और अहमद इब्राहिम ने किया।मुस्तफा ने दलील दी कि याचिका के साथ ही इमाम ने विवादित आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग करते हुए आवेदन भी दायर किया। हालांकि न्यायालय ने कहा कि वह अभी रोक...
हिरासत में लिए गए व्यक्ति के प्रतिनिधित्व पर विचार करने में 3 महीने से अधिक की देरी वैधानिक आवश्यकताओं का उल्लंघन है, हिरासत को अवैध बनाती है: जे एंड के हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति के अभ्यावेदन पर विचार करने में तीन महीने से अधिक की देरी जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम की धारा 13 के तहत वैधानिक आवश्यकताओं का उल्लंघन है, जो हिरासत को अमान्य बनाती है। अदालत ने कहा कि हिरासत में रखने वाले अधिकारियों ने माना है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति द्वारा दायर अभ्यावेदन को 3 महीने के समय के बाद खारिज कर दिया गया, जो पीएसए के तहत निहित प्रावधानों के अनुसार हिरासत में लिए गए व्यक्ति के मूल्यवान अधिकार का...
सुप्रीम कोर्ट 2022 के 'मनोज' फैसले के आधार पर मौत की सजा पर पुनर्विचार करने के लिए दायर रिट याचिका की विचारणीयता पर फैसला करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने आज (27 मार्च) कानून के इस प्रश्न पर विचार किया कि क्या वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर विचार कर सकता है, जिसमें न्यायालय द्वारा मनोज मामले में दिए गए अपने फैसले के आलोक में दोषी को दी गई मृत्युदंड की पुष्टि करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है, जिसमें न्यायालय ने परिस्थितियों को कम करने के लिए व्यावहारिक दिशा-निर्देश निर्धारित किए थे। वसंत संपत दुपारे ने रिट याचिका दायर की थी, जिसे 4 वर्षीय बच्चे के साथ बलात्कार और हत्या के लिए मृत्युदंड दिया गया...
8 से ज्यादा वर्ष की सेवा वाले दिहाड़ी मजदूर पेंशन के लिए पात्र, भले ही उनकी कुल सेवा अवधि 10 वर्ष से कम हो: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट: जस्टिस सत्येन वैद्य की एकल पीठ ने दिहाड़ी मजदूर को पेंशन लाभ प्रदान किया, जबकि प्रारंभिक गणना में आवश्यक योग्यता अवधि से कम सेवा अवधि दर्शाई गई थी। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि दिहाड़ी मजदूर सेवा जब नियमितीकरण के बाद होती है तो उसे पेंशन पात्रता में गिना जाना चाहिए। पीठ ने आगे कहा कि 8+ लेकिन 10 वर्ष से कम की कुल सेवा वाले मजदूरों को 10 वर्ष की योग्यता सेवा पूरी करने वाला माना जाना चाहिए।मामलाभीमा राम को सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में दिहाड़ी मजदूर के रूप में बेलदार के...




















