जानिए हमारा कानून
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 26 से 27: अभयारण्य की घोषणा और विनियमन के लिए एक मार्गदर्शिका
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) भारत की विविध वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण के लिए कानूनी आधार (legal basis) है। इस अधिनियम के भीतर, वन्यजीव अभयारण्यों के निर्माण और प्रबंधन के लिए एक विस्तृत कानूनी ढाँचा (legal framework) स्थापित किया गया है।जबकि अधिनियम के पिछले खंड प्रारंभिक सर्वेक्षण (initial survey) और भूमि अधिग्रहण (land acquisition) प्रक्रियाओं पर केंद्रित हैं, धारा 26 से 27 तक के खंड अधिकारों के प्रत्यायोजन (delegation), अभयारण्य की औपचारिक घोषणा और इन...
जल अधिनियम, 1974 की धारा 25 : नए आउटलेट और नए डिस्चार्ज पर रोक
जल अधिनियम, 1974 का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यही है कि किसी भी जल स्रोत – जैसे नदी (Stream), कुआँ (Well), नाला (Sewer) या भूमि (Land) – को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। धारा 25 इसी दिशा में एक बहुत अहम प्रावधान है। यह धारा उद्योगों, कारखानों, संस्थानों और अन्य गतिविधियों पर नियंत्रण लगाती है ताकि बिना अनुमति के कोई भी नया प्रदूषित जल निकासी (Discharge of Sewage or Trade Effluent) शुरू न हो सके।सरल शब्दों में कहा जाए तो इस धारा के तहत यह नियम है कि यदि कोई नया उद्योग लगाना चाहता है, नया आउटलेट...
क्या तलाकशुदा मुस्लिम महिला CrPC की धारा 125 के तहत Maintenance माँग सकती है, भले ही 1986 Act मौजूद हो?
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मोहम्मद अब्दुल समद बनाम स्टेट ऑफ तेलंगाना (2024) मामले में यह अहम सवाल तय किया कि क्या तलाकशुदा मुस्लिम महिला, Criminal Procedure Code, 1973 (CrPC) की धारा 125 के तहत Maintenance (भरण-पोषण) का दावा कर सकती है, जबकि Muslim Women (Protection of Rights on Divorce) Act, 1986 (1986 Act) पहले से मौजूद है।यह मामला दो कानूनों के बीच सामंजस्य (Harmony) को लेकर था—एक ओर सेक्युलर (Secular) प्रावधान CrPC की धारा 125 और दूसरी ओर व्यक्तिगत (Personal) कानून के दायरे वाला 1986 Act।...
क्या किसी राज्य को CBI की Consent वापसी के बाद Article 131 के तहत केंद्र के खिलाफ Suit दायर करने का अधिकार है?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने State of West Bengal v. Union of India (2024 INSC 502) में एक बेहद अहम संवैधानिक सवाल (Constitutional Question) पर विचार किया। यह मामला सीधे Article 131 (Original Jurisdiction of Supreme Court) के तहत दायर किया गया था, जो केंद्र और राज्यों के बीच विवादों (Disputes) को सुनने का विशेष अधिकार सुप्रीम कोर्ट को देता है।मुख्य प्रश्न यह था कि क्या पश्चिम बंगाल राज्य CBI (Central Bureau of Investigation) की कार्यवाही को चुनौती दे सकता है, जब उसने DSPE Act, 1946 की Section 6 के...
मतदाता सूची में नए व्यक्तियों के नाम जोड़े जाने के प्रावधान
Representation of the People Act, 1950 की धारा 23 विशेष रूप से मतदाता सूचियों में नामों को शामिल करने से संबंधित है, जो मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करती है। यह धारा उन व्यक्तियों को अनुमति देती है जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे पंजीकरण अधिकारी से नाम जोड़ने का आवेदन कर सकते हैं। धारा 23 का महत्व इसलिए है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि योग्य मतदाता चुनाव में भाग ले सकें, लेकिन नामांकन की अंतिम तिथि के बाद कोई बदलाव न हो, जो चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखता है।लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950...
चुनावी मतदाता सूची में अमेंडमेंट करने का कानून
Representation of the People Act, 1950) का मुख्य उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण, मतदाता सूचियों की तैयारी और चुनावों का संचालन सुनिश्चित करना है। अधिनियम की विभिन्न धाराएं मतदाता पंजीकरण, नामांकन, चुनावी अपराध और अन्य संबंधित मुद्दों को कवर करती हैं। इस एक्ट की धारा 22 मतदाता पंजीकरण अधिकारी को मतदाता सूची में गलतियों को सुधारने, नामों को स्थानांतरित करने या हटाने की शक्ति प्रदान करती है। यह धारा लोकतंत्र की शुद्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती...
क्या Section 37 Appeal में अदालत Arbitral Award की स्वतंत्र समीक्षा कर सकती है या केवल Section 34 तक सीमित है?
सुप्रीम कोर्ट ने Bombay Slum Redevelopment Corporation Pvt. Ltd. v. Samir Narain Bhojwani (2024 INSC 478) में एक अहम प्रश्न पर विचार किया: क्या Section 37 of the Arbitration and Conciliation Act, 1996 के तहत अपील सुनने वाला Appellate Court किसी मामले को वापस (Remand) Section 34 Court को भेज सकता है?यह मुद्दा इस बात से जुड़ा है कि Arbitration प्रक्रिया (Arbitration Process) में अदालतों की भूमिका कितनी सीमित है और अपीलीय अदालत (Appellate Court) किस सीमा तक दखल दे सकती है। इस केस में सुप्रीम...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 64 और धारा 65: नियम बनाने की शक्ति और कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति
यह लेख भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की दो महत्वपूर्ण धाराओं, धारा 64 (Section 64) और धारा 65 (Section 65) की विस्तृत व्याख्या करता है। ये धाराएं सुनिश्चित करती हैं कि यह अधिनियम प्रभावी ढंग से लागू हो सके और भारत की व्यापक कानूनी प्रणाली (legal system) के साथ सहजता से एकीकृत (integrated) हो सके।धारा 64 "नियम बनाने की शक्ति" (Power to make regulations) प्रदान करती है, जो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI) के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र (mechanism) है, जबकि धारा 65...
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 21 से 25 : वन्यजीव अभयारण्यों के लिए भूमि और अधिकारों का अधिग्रहण
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) भारत में वन्यजीव अभयारण्यों की घोषणा और प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट और व्यवस्थित प्रक्रिया स्थापित करता है। इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन व्यक्तियों और समुदायों से अधिकारों और भूमि का अधिग्रहण (acquisition of rights and land) करना है, जिनका प्रस्तावित अभयारण्य की सीमाओं के भीतर दावा हो सकता है।अधिनियम की धाराएँ, विशेष रूप से धारा 21 से 25, एक विस्तृत रूपरेखा प्रदान करती हैं कि कैसे सरकार, एक नामित कलेक्टर (Collector) के माध्यम...
जल अधिनियम की धारा 23 और 24 : प्रवेश और निरीक्षण की शक्ति तथा प्रदूषित पदार्थ डालने पर रोक
भारत का जल (Prevention and Control of Pollution) अधिनियम, 1974 एक महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य जल प्रदूषण को रोकना और जल को शुद्ध तथा सुरक्षित बनाए रखना है। इस अधिनियम की धारा 23 और 24 बहुत अहम हैं। धारा 23 अधिकारियों को किसी स्थान में प्रवेश और निरीक्षण (Inspection) की शक्ति देती है, जबकि धारा 24 जल स्रोतों (streams, wells, land, sewer) में प्रदूषित पदार्थ डालने पर स्पष्ट रोक लगाती है। ये दोनों धाराएँ मिलकर कानून के Prevention (रोकथाम) और Enforcement (प्रवर्तन/पालन...
पुलिस ने रोका – आपके अधिकार क्या हैं?
पुलिस ने रोका – आपके अधिकार क्या हैं? (चेकिंग, तलाशी और ट्रैफिक नियम) हम सबके साथ कभी न कभी ऐसा हुआ है कि पुलिस ने रास्ते में रोक लिया हो – कभी ट्रैफिक चेकिंग के नाम पर, तो कभी तलाशी (search) के लिए। लेकिन सवाल ये है कि ऐसे हालात में आपके अधिकार क्या हैं? और पुलिस आपको कहाँ तक रोक सकती है? 1. ट्रैफिक चेकिंग के दौरान आपके अधिकार ड्राइविंग डॉक्यूमेंट्स – मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत, आपसे केवल 4 ज़रूरी डॉक्यूमेंट मांगे जा सकते हैं: (i) ड्राइविंग लाइसेंस (ii) RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) ...
सोशल मीडिया पर क्या लिखना अपराध है?
आज सोशल मीडिया हर किसी की ज़िंदगी का हिस्सा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप जैसी जगहों पर लोग अपनी राय खुलकर लिखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोशल मीडिया पर लिखी गई कुछ बातें आपको जेल तक पहुँचा सकती हैं? कानून क्या कहता है?भारत में सोशल मीडिया पर लिखे गए पोस्ट, मैसेज, कमेंट या शेयर पर मुख्य रूप से आईटी एक्ट 2000 (Information Technology Act, 2000) और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधान लागू होते हैं।अफवाह और फर्जी खबर (Fake News):धारा 196 BNS: यदि कोई पोस्ट अफवाह...
जल अधिनियम, 1974 की धारा 21 और 22: नमूने लेने और उनकी जाँच रिपोर्ट से जुड़ी प्रक्रिया
धारा 21: प्रदूषक (Effluents) के नमूने लेने की शक्ति और प्रक्रियानमूने लेने का अधिकार (Power to take samples) राज्य बोर्ड (State Board) या उसका अधिकृत अधिकारी किसी भी धारा (Stream), कुएँ (Well), या किसी संयंत्र (Plant) या पोत (Vessel) से निकल रहे सीवेज (Sewage) अथवा औद्योगिक अपशिष्ट (Trade Effluent) का नमूना विश्लेषण (Analysis) के लिए ले सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई फैक्ट्री नदी में गंदा पानी डाल रही है, तो राज्य बोर्ड का अधिकारी वहाँ से पानी का नमूना लेकर जाँच कर सकता है। विश्लेषण की...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 62 और धारा 63: अन्य कानूनों के साथ सह-अस्तित्व और नियम बनाने की शक्ति
यह लेख भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (Competition Act, 2002) की दो महत्वपूर्ण धाराओं, धारा 62 (Section 62) और धारा 63 (Section 63) की विस्तृत व्याख्या करता है। ये धाराएं सुनिश्चित करती हैं कि यह अधिनियम प्रभावी ढंग से लागू हो सके और भारत की व्यापक कानूनी प्रणाली (legal system) के साथ सहजता से एकीकृत (integrated) हो सके।धारा 62 "अन्य कानूनों का लागू होना वर्जित नहीं है" (Application of other laws not barred) के सिद्धांत को संबोधित करती है, जबकि धारा 63 "नियम बनाने की शक्ति" (Power to make...
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 18, 18A, 18B, 19 और 20 के तहत अभयारण्य घोषित करने की प्रक्रिया
भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, भारत की समृद्ध जैव विविधता को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी ढाँचा है। इस अधिनियम के अध्याय IV, जिसे “संरक्षित क्षेत्र” कहा जाता है, में विभिन्न प्रकार के संरक्षित क्षेत्रों को बनाने का तरीका बताया गया है। एक वन्यजीव अभयारण्य (wildlife sanctuary) बनाने के शुरुआती कदम धारा 18, 18A, 18B, 19 और 20 में विस्तार से दिए गए हैं।ये प्रावधान मिलकर एक कानूनी और प्रक्रियात्मक (procedural) आधार बनाते हैं जो किसी क्षेत्र को अभयारण्य में बदलने के लिए ज़रूरी है। यह...
क्या सिनेमा हॉल में Accessibility संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है?
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला “Nipun Malhotra v. Sony Pictures Films India Pvt. Ltd. & Ors., 2024 INSC 465” में सुनाया। इस केस में अदालत ने यह प्रश्न उठाया कि क्या सिनेमा हॉल और फिल्मों तक पहुँच (Accessibility) विकलांग व्यक्तियों (Persons with Disabilities) का संवैधानिक अधिकार है?यह मामला केवल किसी फिल्म के Certification तक सीमित नहीं था, बल्कि इससे बड़े सवाल जुड़े थे—क्या विकलांग व्यक्तियों को गरिमा (Dignity) और समानता (Equality) से जीने के लिए संस्कृति (Culture), मनोरंजन...
मतदाता सूची के लिए Ordinary Residence पर कानूनी प्रावधान
The Representation Of The People Act, 1950 की धारा 20 विशेष रूप से मतदाता पंजीकरण के लिए Ordinary Residence की परिभाषा और शर्तों को स्पष्ट करती है। यह धारा मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए पात्रता का एक महत्वपूर्ण पहलू निर्धारित करती है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को लागू करने में मदद करती है। धारा 20 यह परिभाषित करती है कि 'सामान्य निवास' का क्या अर्थ है और यह मतदाता पंजीकरण के लिए कैसे लागू होता है। इसके अनुसार, कोई व्यक्ति उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता...
मतदाता सूची में वोटर के दोहरे पंजीकरण को रोकने का कानून
The Representation Of The People Act, 1950 भारत में चुनाव करवाने के लिए बनाया गया एक ऐसा एक्ट है जिसमें इलेक्शन से जुड़ी हर विषय को स्पष्ट कर दिया है। संविधान के अनुच्छेद 324 से 329 चुनाव आयोग की शक्तियों को मजबूत करते हैं। यह एक्ट चुनावों के संचालन, उम्मीदवारों की योग्यता, अयोग्यता और मतदाता सूचियों के तैयारी से संबंधित प्रावधान करता है। विशेष रूप से, धारा 17, 18 और 19 मतदाता पंजीकरण से जुड़ी हैं, जो दोहरे पंजीकरण को रोकती हैं और पंजीकरण की शर्तें निर्धारित करती हैं। यह धाराएँ सुनिश्चित करती हैं...
क्या NDPS कानून के तहत लगाई गई जमानत की शर्तें मौलिक अधिकारों को सीमित कर सकती हैं?
प्रस्तावनासुप्रीम कोर्ट का हाल का निर्णय Frank Vitus बनाम Narcotics Control Bureau (2024) भारतीय आपराधिक न्यायशास्त्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह निर्णय केवल एक विदेशी नागरिक के मामले तक सीमित नहीं था बल्कि इसने व्यापक प्रश्न उठाए कि क्या जमानत देते समय अदालतें ऐसी शर्तें लगा सकती हैं जो व्यक्ति के मौलिक अधिकारों पर असंगत रोक लगाती हों। खासकर अदालत ने दो शर्तों का परीक्षण किया – एक, आरोपी को अपनी स्थिति बताने के लिए गूगल मैप पर PIN गिराने की बाध्यता और दूसरी, आरोपी के देश की एम्बेसी या...
जल अधिनियम, 1974 की धारा 18 से 20 : जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण
धारा 18 – निर्देश देने की शक्ति (Section 18 – Powers to Give Directions)इस धारा में केंद्र सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Board) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (State Boards) के बीच अधिकार और ज़िम्मेदारियों के संतुलन को परिभाषित किया गया है। उपधारा (1): केंद्रीय बोर्ड अपने कार्यों का पालन करते समय केंद्र सरकार द्वारा दिए गए किसी भी लिखित निर्देश (Directions) का पालन करने के लिए बाध्य है। इसी प्रकार, प्रत्येक राज्य बोर्ड को भी या तो केंद्रीय बोर्ड या राज्य सरकार द्वारा दिए गए...



















