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क्या कोई भारतीय नागरिक सभी राज्यों में जमीन खरीद सकता है? जानिए क्या हैं प्रावधान
भारतीय नागरिक देश के सभी राज्यों में ज़मीन खरीद सकता है या नहीं? क्या हैं इसके पीछे बने कानून की मंशा? इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको लाइव लॉ के इस नए वीडियो में मिलेंगे। देखिए वीडियो

चेक बाउंस होने पर क्या करें, देखिए वीडियो
चेक बाउंस (चेक का अनादर) आज के व्यापारिक युग में आम प्रचलन हो चुका है। समय-समय पर व्यापारियों को उधार माल देने पर या कोई अन्य व्यवहार करने पर चेक की आवश्यकता होती है। कभी इस प्रकार के चेक डिसऑनर हो जाते हैं उस चेक को प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भुगतान नहीं हो पाता है। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत कोई चेक बाउंस होने पर चेक बाउंस का मुकदमा दायर किया जाता है परंतु इस प्रकार का मुकदमा दायर करने के पूर्व चेक देने वाले व्यक्ति को नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है।लाइव लॉ...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र, देखें वीडियो
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (18 जुलाई, 2022 से 22 जुलाई, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।

महिलाओं के खिलाफ अपराध : जानिए कानूनी प्रावधान (वीडियो)
दुनिया भर में समय-समय पर महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठती रही है। भारत में महिलाएं सामाजिक रीति-रिवाजों द्वारा शोषित और दमित होती रही हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व भी महिलाओं पर अत्याचारों की संख्याओं में कोई कमी नहीं थी तथा स्वतंत्रता के बाद भी महिलाओं के संबंध में अत्याचार और अपराध निरंतर घटित हो रहे थे। इन अपराधों के निवारण में कमी एवं इन पर रोक हेतु सशक्त विधान की आवश्यकता थी तथा भारतीय संसद में महिलाओं के संबंध में ऐसे विधान को बनाने से तनिक भी संकोच नहीं किया है। समय-समय पर भारतीय...
![मनमानी गिरफ्तारी के लिए पुलिस को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए : जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर [वीडियो इंटरव्यू] मनमानी गिरफ्तारी के लिए पुलिस को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए : जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर [वीडियो इंटरव्यू]](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/07/25/500x300_427322-whatsappimage2022-07-25at73029am.jpg)
मनमानी गिरफ्तारी के लिए पुलिस को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए : जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर [वीडियो इंटरव्यू]
एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने मनमानी गिरफ्तारी, राजनीतिक रूप से प्रेरित मामलों में जमानत देने के लिए मजिस्ट्रेट की अनिच्छा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता और बोलने की स्वतंत्र के संरक्षण के महत्व से संबंधित मुद्दों पर लाइव लॉ के मैनेजिंग एडिटर मनु सेबेस्टियन के साथ एक साक्षात्कार में चर्चा की। एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने ऑल्ट न्यूज़ के सहसंस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज छह एफआईआर के मामले में सुप्रीम कोर्ट में ज़ुबैर की पैरवी करते हुए दलीलें पेश की थीं।सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूपी...

पेट्रोल पंप पर ईंधन खरीदने के अलावा और क्या हैं ग्राहकों के अधिकार? जानने के लिए देखें वीडियो
भारत में आज के समय में पेट्रोल-डीजल यानी ईंधन के दामों के उतार-चढ़ाव की सबसे ज्यादा चर्चा होती है। लोग हर रोज़ सुबह उठते ही अपने मोबाइल पर सबसे पहले यह जानने की कोशिश करते हैं कि आज उनके शहर में पेट्रोल-डीजल के क्या रेट हैं? लेकिन जब आप पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल लेने जाते हैं तो क्या वहां केवल पेट्रोल-डीजल ही मिलता है या कुछ और भी? पेट्रोल पंप पर ईंधन के अलावा ऐसा क्या कुछ है जिसके बारे में जानना आपका अधिकार है? लाइव लॉ आपके लिए लेकर आया है ऐसे ही अधिकारों के बारे में कुछ नवीनतम...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र, देखें वीडियो
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (11 जुलाई, 2022 से 15 जुलाई, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र। सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र

राष्ट्रपति चुनाव कैसे किया जाता है? जानिए प्रक्रिया (वीडियो)
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे किया जाता है और इसकी प्रक्रिया क्या है? यह सवाल अक्सर स्टूडेंट के मन में आता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 55 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति का चुनाव "आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली की एकल संक्रमणीय मत पद्धति" द्वारा होता है।इस पूरी प्रक्रिया को आसान शब्दों में हम आप तक वीडियो के माध्यम से लाए हैं।देखिए वीडियो

राष्ट्रपति चुनाव कैसे किया जाता है? जानिए प्रक्रिया (वीडियो)
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कैसे किया जाता है और इसकी प्रक्रिया क्या है? यह सवाल अक्सर स्टूडेंट के मन में आता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 55 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति का चुनाव "आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली की एकल संक्रमणीय मत पद्धति" द्वारा होता है।इस पूरी प्रक्रिया को आसान शब्दों में हम आप तक वीडियो के माध्यम से लाए हैं।देखिए वीडियो

डेली कोर्ट राउंड अप : जानिए अदालतों में आज क्या खास हुआ (वीडियो)
सुप्रीम कोर्ट और देश भर के विभिन्न हाईकोर्ट में शुक्रवार (15 जुलाई 2022) को क्या हुआ, यह जानने के लिए देखिए डेली कोर्ट राउंड अप। डेली कोर्ट राउंड अप वीडियो

महिलाओं के खिलाफ अपराध : क्या हैं कानूनी प्रावधान और कैसे इनका सहारा ले सकते हैं (वीडियो)
दुनिया भर में समय-समय पर महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठती रही है। भारत में महिलाएं सामाजिक रीति-रिवाजों द्वारा शोषित और दमित होती रही हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व भी महिलाओं पर अत्याचारों की संख्याओं में कोई कमी नहीं थी तथा स्वतंत्रता के बाद भी महिलाओं के संबंध में अत्याचार और अपराध निरंतर घटित हो रहे थे। इन अपराधों के निवारण में कमी एवं इन पर रोक हेतु सशक्त विधान की आवश्यकता थी तथा भारतीय संसद में महिलाओं के संबंध में ऐसे विधान को बनाने से तनिक भी संकोच नहीं किया है। समय-समय पर भारतीय...

डेली कोर्ट राउंड अप : जानिए अदालतों में आज क्या खास हुआ (वीडियो)
सुप्रीम कोर्ट और देश भर के विभिन्न हाईकोर्ट में बुधवार (13 जुलाई 2022) को क्या हुआ, यह जानने के लिए देखिए डेली कोर्ट राउंड अप।डेली कोर्ट राउंड अप वीडियो

डेली कोर्ट राउंड अप : जानिए अदालतों में आज क्या खास हुआ (वीडियो)
सुप्रीम कोर्ट और देश भर के विभिन्न हाईकोर्ट में मंगलवार (12 जुलाई 2022) को क्या हुआ, यह जानने के लिए देखिए डेली कोर्ट राउंड अप। डेली कोर्ट राउंड अप वीडियो

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र, देखें वीडियो
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (चार जुलाई, 2022 से 8 जुलाई, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।

चेक बाउंस होने पर क्या करें, देखिए वीडियो
चेक बाउंस (चेक का अनादर) आज के व्यापारिक युग में आम प्रचलन हो चुका है। समय-समय पर व्यापारियों को उधार माल देने पर या कोई अन्य व्यवहार करने पर चेक की आवश्यकता होती है। कभी इस प्रकार के चेक डिसऑनर हो जाते हैं उस चेक को प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भुगतान नहीं हो पाता है। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत कोई चेक बाउंस होने पर चेक बाउंस का मुकदमा दायर किया जाता है परंतु इस प्रकार का मुकदमा दायर करने के पूर्व चेक देने वाले व्यक्ति को नोटिस के माध्यम से सूचित किया जाता है।लाइव लॉ...

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र (वीडियो)
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (27 जून, 2022 से 1 जुलाई, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र। देखिए वीडियो सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप

जुबैर मामले में कुछ गलत; चिंता इस बात की है कि कई जज जमानत देने से डरते हैं : जस्टिस दीपक गुप्ता
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दीपक गुप्ता ने मनु सेबेस्टियन (लाइव लॉ संपादक) के साथ इस साक्षात्कार में मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामले के बारे में अपनी राय साझा की और उचित जांच के बिना जमानत से इनकार करने वाली अदालतों की चिंताजनक प्रवृत्ति के बारे में चिंता व्यक्त की। देखिये वीडियो

न्यायपालिका केवल संविधान के प्रति जवाबदेह हैः सीजेआई एनवी रमाना
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एसोसिएशन ऑफ इंडो-अमेरिकन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया।अपने संबोधन में सीजेआई ने कहा:"जैसा कि हम इस वर्ष स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष का जश्न मना रहे हैं और जब हमारा गणतंत्र 72 वर्ष का हो गया है तो कुछ अफसोस के साथ मुझे यहां यह जोड़ना चाहिए कि हमने अभी भी प्रत्येक संस्थान को संविधान द्वारा सौंपी गई भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की पूरी तरह से सराहना करना नहीं सीखा है। सत्ताधारी दल का मानना है कि हर...

'जजों के खिलाफ निजी हमले कानून के शासन को नुकसान पहुंचाते हैं': जस्टिस परदीवाला ने सोशल और डिजिटल मीडिया के नियमन की मांग की
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज जस्टिस पारदीवाला (Pardiwala) ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए सोशल और डिजिटल मीडिया पर हो रहे जजों के खिलाफ व्यक्तिगत हमलों पर चिंता व्यक्त की। और कहा कि इससे खतरनाक परिदृश्य पैदा होगा।जज ने यह भी कहा कि कानून के शासन के लिए मीडिया ट्रायल सही नहीं है।आगे कहा,"भारत में, जिसे पूरी तरह से परिपक्व या सूचित लोकतंत्र के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है, सोशल डिजिटल मीडिया को अक्सर पूरी तरह से कानूनी और संवैधानिक मुद्दों का राजनीतिकरण करने के लिए नियोजित...

