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सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी के अपहरण के मामले में दलित व्यक्ति के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद्द किया (वीडियो)

सुप्रीम कोर्ट ने दलित समुदाय के एक व्यक्ति के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट मामले में अग्रिम जमानत दिया, जिस पर एक उच्च जाति की महिला के अपहरण और जबरदस्ती शादी करने का आरोप लगाया गया है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अभय एस ओका की खंडपीठ ने कहा, "हमारे विचार में, याचिकाकर्ता के शामिल होने और एफआईआर में चल रही जांच में पूरी तरह से सहयोग करने के अधीन अग्रिम जमानत दी जा सकती है। यह ऐसा मामला नहीं है जहां याचिकाकर्ता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाना चाहिए था।"देखिये वीडियो

1-2 दिनों के लिए मांस खाने से खुद को रोकें: गुजरात हाईकोर्ट ने जैन त्योहार के अवसर पर बूचड़खाने को बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा ( वीडियो

गुजरात हाईकोर्ट ने जैन समुदाय के त्योहार के अवसर पर शहर में एकमात्र बूचड़खाने को बंद करने के अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से कहा, "आप 1-2 दिनों के लिए मांस खाने से खुद को रोकें।" जस्टिस संदीप भट्ट की पीठ कुल हिंद जमीयत-अल कुरेश एक्शन कमेटी गुजरात की ओर से दानिश कुरैशी रजावाला और एक अन्य व्यक्ति द्वारा शहर में एकमात्र बूचड़खाने को बंद करने को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार कर रही थी।देखिये वीडियो

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस रेप एंड मर्डर केस में सीबीआई से ट्रायल प्रोग्रेस की रिपोर्ट मांगी (वीडियो)

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस गैंगरेप और मर्डर केस में सीबीआई से ट्रायल प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी। अगली तारीख [20 सितंबर, 2022] से पहले जिला न्यायाधीश, हाथरस के माध्यम से ट्रायल कोर्ट से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ ने सीबीआई के वकील अनुराग कुमार सिंह को निर्देश दिया।यूपी सरकार ने अदालत के समक्ष यह भी प्रस्तुत किया कि शवों के सम्मानजनक दाह संस्कार के लिए एसओपी प्रक्रियाधीन है और बहुत जल्द, इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और अधिसूचित किया जाएगा।देखिये वीडियो

सुप्रीम कोर्ट ने 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस पर यूपी सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही बंद की (वीडियो)

सुप्रीम कोर्ट ने 1992 में बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) के विध्वंस के संबंध में लंबित अवमानना कार्यवाही को बंद किया। 1992 में उत्तर प्रदेश राज्य के खिलाफ अवमानना याचिका मोहम्मद असलम भूरे द्वारा दायर की गई थी। यह याचिका अदालत को क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में दिए गए अंडरटेकिंग के उल्लंघन के लिए दायर की गई थी।जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने समय बीतने और सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले को ध्यान में रखते हुए अवमानना मामले को बंद कर दिया। ...

सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम पर्सनल लॉ में बहुविवाह और निकाह हलाला की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अक्टूबर में सुनवाई करेगा (वीडियो)

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ दशहरा की छुट्टियों (अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में) के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ (Muslim Personal Law) द्वारा अनुमत बहुविवाह (Polygamy) और निकाह हलाला (Nikah Halala) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी। जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सुधांशु धूलिया की 5 जजों की पीठ के समक्ष इन प्रथाओं को चुनौती देने वाली आठ याचिकाओं को मंगलवार को सूचीबद्ध किया गया।पीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय...

IIT JEE Mains 2022 : सुप्रीम कोर्ट ने तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अतिरिक्त प्रयास की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार किया (वीडियो)

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को पहले और दूसरे दोनों सत्र में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण आईआईटी-जेईई मेन्स परीक्षा 2022 के अतिरिक्त सत्र आयोजित करने का निर्देश देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर विचार करने से इनकार किया। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने मामले पर विचार करने के लिए अनिच्छा व्यक्त करने के बाद याचिकाकर्ताओं ने याचिका वापस लेने का फैसला किया।पीठ ने कहा कि रविवार को होने वाली IIT-JEE (एडवांस्ड) परीक्षा में वह...

यौन इरादे से बच्चे के निजी अंगों को छूना POCSO एक्ट आकर्षित करने के लिए पर्याप्त, चोट की अनुपस्थिति प्रासंगिक नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट (वीडियो)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि केवल यौन इरादे से बच्चे के निजी अंगों को छूना POCSO एक्ट (The Protection of Children from Sexual Offences Act) की धारा 7 के तहत यौन उत्पीड़न के रूप में माना जाने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही चोट का प्रदर्शन करने वाला मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने कहा, "मेडिकल सर्टिफिकेट में उल्लिखित चोट की अनुपस्थिति से उसके मामले में कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि POCSO एक्ट की धारा 7 के तहत परिभाषित यौन उत्पीड़न के अपराध की प्रकृति में POCSO एक्ट की धारा 8 के साथ पठित...