खुद को पीएम मोदी का करीबी बताकर ठगी करने के आरोपी मोहम्मद काशिफ को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी सहयोगी बताकर लोगों से कथित ठगी करने के आरोपी मोहम्मद काशिफ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की खंडपीठ ने लंबे समय से जेल में बंद रहने को ध्यान में रखते हुए यह राहत प्रदान की।
मोहम्मद काशिफ को अप्रैल 2023 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ अपनी मॉर्फ्ड तस्वीरें अपलोड कर खुद को शीर्ष सरकारी अधिकारियों का करीबी बताया।
आरोप है कि उसने सरकारी टेंडर और नौकरियां दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी की और अपनी फर्म 'Advice Allys' के जरिए अवैध रूप से धन अर्जित किया।
इस मामले में उसके खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं और IT Act की धारा 66D के तहत FIR दर्ज हुई थी। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर PMLA के तहत उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2024 में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। हाल ही में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट ने दोबारा उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना लंबी हिरासत को देखते हुए आरोपी को जमानत दे दी।