अतिरिक्त बिक्री कर लगाने की राज्यों की शक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर से सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ 22 सितंबर से इस महत्वपूर्ण सवाल पर सुनवाई करेगी कि क्या राज्य विधानमंडल पहले से लगाए गए बिक्री कर के आधार पर अतिरिक्त कर, सरचार्ज या सेस लगा सकता है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले को 22 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया है। सात जजों की पीठ दोपहर 2 बजे से सुनवाई करेगी।
मामला Arjun Flour Mills v. State of Odisha से जुड़ा है, जो 1994 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। विवाद ओडिशा सेल्स टैक्स एक्ट की धारा 5A के तहत डीलरों के वार्षिक टर्नओवर पर लगाए गए अतिरिक्त कर से संबंधित है।
मुख्य सवाल यह है कि क्या बिक्री कर के आधार पर लगाया गया अतिरिक्त लेवी राज्य विधानमंडल की संवैधानिक शक्ति के दायरे में आता है। यह मुद्दा संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत केंद्र और राज्यों के बीच कराधान शक्तियों के बंटवारे से जुड़ा है।
इस मामले में Hoechst Pharmaceuticals (1983), S. Kodar (1974) और India Cement (1989) जैसे फैसलों में अलग-अलग पहलुओं पर विचार किया गया है। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने 1999 में मामले को सात जजों की संविधान पीठ को भेजा था।
अब करीब तीन दशक पुराने इस संवैधानिक विवाद पर 22 सितंबर से विस्तृत सुनवाई होगी।