मंदिर के पास 40 वर्ष पुरानी दुकान हटाने का नोटिस बरकरार, श्रद्धालुओं की आवाजाही में बाधा: राजस्थान हाइकोर्ट

Update: 2026-02-20 08:14 GMT

राजस्थान हाइकोर्ट ने श्री देवस्थान बोर्ड सिरोही द्वारा जारी उस नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की, जिसमें श्री सारणेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित लगभग 40 वर्ष पुरानी दुकान को खाली करने के लिए कहा गया। अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता मंदिर की भूमि पर अतिक्रमणकारी है।

जस्टिस कुलदीप माथुर की पीठ ने कहा कि मंदिर की संपत्ति से अतिक्रमण हटाने के लिए बोर्ड को कार्यवाही शुरू करने का पूरा अधिकार है ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

याचिकाकर्ता का कहना था कि वह पिछले 40 वर्षों से मंदिर के निकट छोटी दुकान चलाकर अपना जीवनयापन कर रहा है। यदि बोर्ड द्वारा जारी नोटिस को लागू किया गया तो उसे आर्थिक कठिनाई और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ेगा।

दोनों पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता के पास मंदिर परिसर में दुकान चलाने की कोई वैध अनुमति नहीं थी। इस कारण उसे अतिक्रमणकारी माना गया।

अदालत ने कहा,

“प्रथम दृष्टया यह न्यायालय पाता है कि याचिकाकर्ता ने श्री देवस्थान बोर्ड, सिरोही की संपत्ति पर अतिक्रमण किया है। इसलिए श्री देवस्थान बोर्ड, सिरोही मंदिर की संपत्ति से ऐसे अतिक्रमण को हटाने के लिए उचित कार्यवाही करने का अधिकार रखता है ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को निजी व्यक्तियों द्वारा किए गए अनधिकृत कब्जे के कारण सुगम आवाजाही और पहुंच में होने वाली असुविधा से राहत मिल सके।”

इन टिप्पणियों के साथ हाइकोर्ट ने याचिका खारिज की।

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