मद्रास हाईकोर्ट ने DGCA से पूछा — क्या इंडिगो को थकान प्रबंधन मानकों से मिली छूट बढ़ाई जाएगी?

Update: 2026-01-02 14:53 GMT

मद्रास हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) से यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि क्या इंडिगो एयरलाइंस का संचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड को थकान संबंधी (Fatigue) मानकों के पालन से दी गई छूट को आगे भी बढ़ाया जाएगा। न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायण ने चेन्नई निवासी द्वारा दायर एक याचिका पर DGCA से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें इस छूट को अवैध, निरस्त करने योग्य और नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के अनुरूप नहीं बताया गया है।

अदालत ने आदेश में कहा,

“श्री ए.आर.एल. सुंदरसन ने यह प्रस्तुत किया है कि प्रथम प्रतिवादी 05.01.2025 को प्रतिउत्तर हलफनामा दाखिल करेगा। प्रतिउत्तर में यह विशेष रूप से उल्लेख किया जाए कि क्या 05.12.2025 को प्रदान की गई छूट को आगे और बढ़ाने का इरादा है।”

गौरतलब है कि DGCA ने 2019 में उड़ान कर्मियों के मानक, प्रशिक्षण और लाइसेंसिंग से संबंधित नागरिक उड्डयन आवश्यकताएँ (CAR) जारी की थीं। CAR के पैरा 3.11 के अनुसार, रात्री ड्यूटी को वह कार्य अवधि माना गया है जो 0000 घंटे से 0600 घंटे के बीच आने वाले किसी भी समय को प्रभावित करती है। वहीं पैरा 6.14 के अनुसार, रात्री ड्यूटी में अधिकतम उड़ान समय 8 घंटे, अधिकतम उड़ान ड्यूटी अवधि 10 घंटे और अधिकतम लैंडिंग की संख्या 2 निर्धारित की गई थी।

जब इन प्रावधानों का पालन अनिवार्य किया गया, तो इंडिगो की कई उड़ानें देरी से चलने या रद्द होने लगीं। इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को DGCA ने इंडिगो को एक विशेष श्रेणी के विमानों के संबंध में इन मानकों से छूट प्रदान की, जिसे वर्तमान रिट याचिका में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता वाई.आर. राजावणी ने दलील दी कि यह छूट नियमों के विरुद्ध है।

DGCA की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने प्रस्तुत किया कि इंडिगो तत्काल इन मानकों का पालन करने की स्थिति में नहीं थी, जिसके कारण बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द हो रही थीं, इसलिए छूट प्रदान की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि DGCA एयरलाइन के साथ मिलकर अनुपालन सुनिश्चित करने पर कार्य कर रहा है।

यद्यपि याचिकाकर्ता ने छूट पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कहा कि अंतरिम राहत देने से पहले एयरलाइन का पक्ष सुना जाना आवश्यक है।

अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया और प्रस्तुतियों को दर्ज किया। साथ ही प्रतिवादी एयरलाइन को नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया।

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