सोमनाथ मंदिर से जुड़े पुरातात्विक सर्वेक्षण दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग वाली PIL खारिज, गुजरात हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमनाथ मंदिर स्थल से संबंधित पुरातात्विक सर्वेक्षण रिपोर्ट, ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) सर्वे, नक्शे, संरचनात्मक विश्लेषण, तस्वीरें, वीडियो और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया।
चीफ़ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डी.एन. रे की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में किए गए अधिकांश दावे केवल समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर आधारित थे। याचिकाकर्ता ने न तो किसी प्रामाणिक दस्तावेज या शोध सामग्री का सहारा लिया और न ही तथ्यों की सत्यता अपने व्यक्तिगत ज्ञान के आधार पर साबित की।
कोर्ट ने कहा कि याचिका गलत, भ्रामक और तोड़-मरोड़कर पेश किए गए तथ्यों पर आधारित है तथा इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे PIL की पवित्रता प्रभावित होगी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता ने संभवतः अनुचित प्रचार पाने या अन्य उद्देश्य से यह याचिका दायर की है।
याचिका में केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और अन्य प्राधिकारियों को सोमनाथ मंदिर स्थल से संबंधित वैज्ञानिक और पुरातात्विक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने तथा उनके संरक्षण का निर्देश देने की मांग की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन मांगों को खारिज करते हुए याचिका को लागत के साथ निरस्त कर दिया।