दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने और ज़बरदस्ती खाना खिलाने की मांग

Update: 2026-07-15 04:00 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई, जिसमें क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के लिए तुरंत मेडिकल मदद की मांग की गई है। वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

यह याचिका वकील राकेश कुमार सैनी ने दायर की।

सैनी ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से तुरंत निर्देश देने की मांग की है कि वांगचुक को अस्पताल ले जाया जाए और उन्हें ज़रूरी मेडिकल इलाज दिया जाए, जिसमें ज़बरदस्ती खाना खिलाना भी शामिल है।

सरकार से वांगचुक की जान और सेहत की सुरक्षा के लिए भी निर्देश देने की मांग की गई।

यह मामला आज (बुधवार) चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच के सामने सुनवाई के लिए लिस्टेड है।

याचिका में कहा गया,

"....उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया जाए और लिक्विड डाइट के ज़रिए ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स, विटामिन और मिनरल ज़बरदस्ती दिए जाएं, जो इंसानी शरीर के ज़िंदा रहने के लिए ज़रूरी हैं।"

बता दें, वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह NEET पेपर लीक समेत परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।

उनका यह विरोध प्रदर्शन युवाओं पर केंद्रित राजनीतिक आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के समर्थन में आयोजित किया गया।

वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी। जैसे-जैसे उनका विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ़्ते में पहुंचा, उनकी हालत काफ़ी बिगड़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका वज़न 8 किलो से ज़्यादा घट गया है और ब्लड शुगर लेवल भी गिर गया।

Title: Rakesh Kumar Saini v. Union of India & Anr

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