West Bengal SIR | 'ECI कारण नहीं बता सका': अपीलीय ट्रिब्यूनल ने वोटर लिस्ट में शामिल किया कांग्रेस उम्मीदवार का नाम

Update: 2026-04-07 15:12 GMT

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तुरंत सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए गठित अपीलीय ट्रिब्यूनल ने रविवार को इंडियन नेशनल कांग्रेस (Congress) के उम्मीदवार मोताब शेख का नाम मतदाता सूची से हटाने का फैसला रद्द किया।

कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टी.एस. शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाले इस ट्रिब्यूनल ने पाया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) शेख का नाम मतदाता सूची से हटाने का कोई ठोस कारण नहीं बता सका।

ट्रिब्यूनल ने कहा,

"हम उस न्यायिक अधिकारी द्वारा दिए गए कारणों को देखना चाहते थे, जिसके आधार पर अपीलकर्ता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया। ऐसा लगता है कि कुछ तकनीकी कारणों से ECI वह जानकारी या कारण ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं कर सका।"

इसके बाद ट्रिब्यूनल ने खुद ही उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच करने का फैसला किया।

मोताब शेख ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा तब खटखटाया था, जब 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के दौरान उनका नाम 'हटाए जाने वाले नामों की सूची' (Adjudication Deletion List) में डाल दिया गया था। इसके चलते इसी महीने के आखिर में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। उन्होंने मांग की थी कि उनका नाम मतदाता सूची में वापस शामिल किया जाए और उन्हें INC उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए।

2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया कि अपीलीय ट्रिब्यूनल अब पूरी तरह से काम करने लगे हैं। इसके बाद कोर्ट ने शेख को निर्देश दिया कि वह कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टी.एस. शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाले ट्रिब्यूनल के समक्ष अपनी अपील दायर करें।

कोर्ट ने अनुरोध किया कि शेख की अपील पर चुनाव आयोग की मदद से जल्द-से-जल्द, और हो सके तो 6 अप्रैल की सुबह तक फैसला सुनाया जाए। इन निर्देशों का पालन करते हुए ट्रिब्यूनल ने 5 अप्रैल को शेख की अपील पर सुनवाई शुरू की।

ट्रिब्यूनल के समक्ष शेख ने दलील दी कि उन्हें फराक्का विधानसभा क्षेत्र से एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल (INC) के उम्मीदवार के तौर पर नामित किया गया है, इसलिए उन्हें इस मामले में तत्काल राहत दी जानी चाहिए।

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