फडणवीस और शिंदे के खिलाफ बयान दिलाने की साजिश मामले में संजय पांडे को बड़ी राहत, हाइकोर्ट ने रद्द की FIR

Update: 2026-05-20 08:14 GMT

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे तथा एक एडवोकेट के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। इन दोनों पर आरोप था कि उन्होंने एक कारोबारी पर दबाव बनाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयान दिलाने की कोशिश की थी।

चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की विशेष खंडपीठ ने बुधवार को अदालत में यह आदेश सुनाया।

खंडपीठ संजय पांडे, एडवोकेट शेखर जगताप और अन्य व्यक्तियों द्वारा दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

ठाणे और कोलाबा पुलिस थानों में दर्ज FIR के अनुसार कारोबारी संजय पुनमिया ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामला वर्ष 2016 में बंद हो चुका था, लेकिन बाद में संजय पांडे ने उसे दोबारा खुलवा दिया।

पुनमिया ने यह भी आरोप लगाया कि एडवोकेट शेखर जगताप ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बिना किसी आधिकारिक नियुक्ति पत्र के विशेष लोक अभियोजक के रूप में अदालत में पेश हुए।

गौरतलब है कि जिस आपराधिक मामले को दोबारा खोले जाने का आरोप लगाया गया, उसमें मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह का नाम भी शामिल था। उस मामले में पुनमिया और परमबीर सिंह पर जबरन वसूली के आरोप लगाए गए।

मामले की सुनवाई से बॉम्बे हाईकोर्ट के कई जजों ने खुद को अलग कर लिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद विशेष पीठ गठित की गई, जिसने इन याचिकाओं पर सुनवाई कर फैसला सुनाया।

Tags:    

Similar News