टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) नासिक BPO में यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के मामले में नासिक की एक सेशंस कोर्ट ने सोमवार (6 जुलाई) को आरोपी निदा खान को ज़मानत दी। उन्हें 8 मई को गिरफ़्तार किया गया था।
डिशनल सेशंस जज केदार जोशी ने खान के वकील राहुल कसलिवल और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसार की दलीलें सुनीं। मिसार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की ओर से खान की ज़मानत अर्ज़ी का विरोध करते हुए अपनी बात रखी।
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए मिसार ने कहा,
"जज ने आदेश सुनाया और उनकी ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर की। आदेश की विस्तृत कॉपी बाद में उपलब्ध कराई जाएगी। ज़मानत मांगने का एक मुख्य आधार उनकी गर्भावस्था है।"
खास बात यह है कि ज़मानत के लिए कोर्ट के सामने रखी गई कई वजहों में से उन्होंने अपनी गर्भावस्था का भी ज़िक्र किया था।
गिरफ़्तार आरोपियों में शामिल हैं- मोहम्मद दानिश शेख (शादी का झूठा वादा करके पीड़िता को फुसलाने और दूसरों पर धार्मिक रीति-रिवाजों को मानने का दबाव डालने का आरोप), शफी बिखन शेख, रज़ा रफ़ीक मेमन (टीम लीडर, जिस पर स्टाफ़ को डराने-धमकाने और महिला सहकर्मियों के बारे में अश्लील टिप्पणी करने का आरोप है), तौसीफ़ अत्तार, शाहरुख़ कुरैशी और आसिफ़ आफ़ताब अंसारी (सीनियर कर्मचारी, जिन पर कथित तौर पर पीछा करने, उत्पीड़न और ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोशिशों के लिए कई FIR दर्ज हैं)।
पुलिस ने POSH कमेटी की ऑपरेशन्स मैनेजर अश्विनी चैनानी को भी उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई न करने के आरोप में गिरफ़्तार किया।
Case Title: Nida Khan vs State of Maharashtra