सिद्धू मूसेवाला मर्डर: लॉरेंस बिश्नोई ने दिल्ली हाईकोर्ट में पंजाब पुलिस द्वारा फर्जी एनकाउंटर की आशंका को लेकर दायर याचिका वापस ली

Update: 2022-06-01 09:13 GMT

लॉरेंस बिश्नोई ने दिल्ली हाईकोर्ट से प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के संबंध में दायर याचिका को वापस ले लिया है। इस याचिका में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई थी, जिसमें पंजाब पुलिस द्वारा एक फर्जी मुठभेड़ की आशंका भी शामिल थी।

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष बिश्नोई के वकील ने याचिका को दायर करने की स्वतंत्रता की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट से याचिका वापस ले ली।

तदनुसार, जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की एकल न्यायाधीश पीठ ने याचिका को वापस करते हुए खारिज कर दिया।

बिश्नोई वर्तमान में मकोका मामले में शहर की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है।

याचिका में कहा गया कि पंजाब पुलिस द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बिश्नोई की हत्या में संलिप्तता है। इसके बाद यह तर्क दिया गया कि जांच एजेंसी बिश्नोई को हत्या के मामले में झूठा फंसा रही है।

तदनुसार, याचिका में तिहाड़ जेल अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई कि बिश्नोई के वकीलों को किसी अन्य राज्य पुलिस को किसी भी प्रोडक्शन वारंट पर उसकी हिरासत देने से पहले उसे पूर्व सूचना दी जाए।

वकील ने दिल्ली पुलिस और तिहाड़ जेल प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की भी मांग की कि बिश्नोई के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था पेशी वारंट के दौरान विधिवत हथकड़ी पहनाई जाए, वीडियो-ग्राफी की जाए और ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब पुलिस द्वारा पेश किए गए वारंट को उसके जीवन की सुरक्षा के लिए पेश किया जाए।

याचिका में कहा गया,

"याचिकाकर्ताओं के विनम्र निवेदन में मांग की गई है कि निष्पक्ष और सच्ची जांच अनिवार्य है। निष्पक्ष सुनवाई में भारत के संविधान के अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा परिकल्पित निष्पक्ष जांच शामिल है।"

याचिका में आगे कहा गया कि यह सुनिश्चित करना जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है कि उक्त घटना के संबंध में पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस द्वारा बिश्नोई की सभी आवश्यक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं।

याचिका में आगे कहा गया,

"याचिकाकर्ता कथित आरोपी के रूप में निष्पक्ष और सच्ची जांच और सुनवाई का हकदार हैं। साथ ही अभियोजन पक्ष से अपराध की सुनवाई में संतुलित भूमिका निभाने की उम्मीद की जाती है। जांच विवेकपूर्ण, निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज होनी चाहिए। साथ ही जांच प्राधिकारी आरोपी व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।"

केस टाइटल: लॉरेंस बिश्नोई बनाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का राज्य

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