पंजाब राज्य के एडवोकेट जनरल एपीएस देओल ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एडवोकेट जनरल के ऑफिस के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं।

बयान में सिद्धू पर "ड्रग्स मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के 'गंभीर प्रयासों' को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

एजी देओल ने यह भी आरोप लगाया कि सिद्धू अपने राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब के महाधिवक्ता के संवैधानिक कार्यालय का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

पंजाब एजी के बयान में कहा,

"नवजोत सिंह सिद्धू सरकार और महाधिवक्ता के कार्यालय के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं। उनके बार-बार के बयान "ड्रग्स मामले" में न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के गंभीर प्रयासों को पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू अपने राजनीतिक सहयोगियों पर राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए गलत सूचना फैला रहे हैं। पंजाब के महाधिवक्ता के संवैधानिक कार्यालय का राजनीतिकरण करके अपने स्वार्थी राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब में आने वाले चुनावों के मद्देनजर निहित स्वार्थों द्वारा कांग्रेस पार्टी के कामकाज को खराब करने का एक ठोस प्रयास है।"

गौरतलब है कि सिद्धू ने शुक्रवार को एक सार्वजनिक बयान जारी कर कहा था कि पंजाब राज्य के लिए एजी के बदलने के बाद वह पंजाब कांग्रेस के प्रमुख का पदभार ग्रहण करेंगे।

पिछले महीने उन्होंने पंजाब के लिए एजी के रूप में देओल के नाम पर आपत्ति जताते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि चूंकि देओल राज्य के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और परमराज एस. उमरानंगल की ओर से पेश हुए थे, जो 2015 की बेअदबी और बहबल कलां पुलिस फायरिंग मामलों में आरोपी हैं, इसलिए वह एजी पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं।

इस विवाद को देखते हुए देओल ने पंजाब के लिए एजी के पद से इस्तीफा भी दे दिया है। हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।

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