'सम्मान मरने के बाद भी बना रहता है': लखनऊ श्मशान घाट पर आवारा जानवरों द्वारा शवों के अपमान पर हाईकोर्ट सख्त
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ प्रशासन को सार्वजनिक श्मशान घाट की तुरंत मरम्मत और नवीनीकरण करने का निर्देश दिया। यह निर्देश एक जनहित याचिका (PIL) में आवारा जानवरों द्वारा शवों के अपमान की घटनाओं का ज़िक्र किए जाने के बाद दिया गया।
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि "इंसानी सम्मान के साथ जीने का अधिकार मरने के बाद भी बना रहता है", जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि हर व्यक्ति का सम्मानजनक अंतिम संस्कार और उसे उचित सम्मान मिलना चाहिए।
शिव गुप्ता द्वारा दायर इस जनहित याचिका में संबंधित अधिकारियों को लखनऊ छावनी (कैंटोनमेंट) इलाके में स्थित 'पिपरा घाट फ्यूनरल ग्राउंड' (श्मशान घाट) के उचित रखरखाव और संचालन के लिए निर्देश देने की मांग की गई।
संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक अंतिम संस्कार के मौलिक अधिकार के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पीने के पानी की सुविधा, वॉशरूम और श्मशान घाट की बाउंड्री वॉल की मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है।
यह भी बताया गया कि श्मशान घाट की उचित बाउंड्री वॉल न होने के कारण बंदर, कुत्ते और गाय जैसे आवारा जानवर अंदर घुस आते हैं और घूमते रहते हैं, जिससे गंदगी फैलती है।
एक बेहद चौंकाने वाली बात यह बताई गई कि जब मृतक के परिजन चिता जलती छोड़कर श्मशान घाट से चले जाते हैं तो ये आवारा जानवर शवों को चाटते हैं या इधर-उधर बिखेर देते हैं।
इस भयावह स्थिति पर ध्यान देते हुए बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाया गया मुद्दा गंभीर है। इसके लिए तत्काल सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता है।
जब छावनी बोर्ड के वकील ने बताया कि आधुनिक श्मशान घाट के निर्माण के लिए प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई है तो बेंच ने निर्देश दिया कि इसके लिए तुरंत टेंडर जारी किया जाए और हो सके तो 4 हफ़्ते के भीतर ऐसा किया जाए।
इसके अलावा, कोर्ट ने निर्देश दिया कि अभी चल रहे श्मशान घाट पर तुरंत पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इन निर्देशों के साथ रिट याचिका का निपटारा किया गया।
Case Title: Shiv Gupta vs U.O.I. Thru. The Secy. Ministry Of Defence,Dhq Po, New Delhi And 2 Others 2026 LiveLaw (AB) 313