दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल कर शरजील इमाम की अंतरिम ज़मानत रद्द करने की मांग की। इमाम पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में आरोप हैं।

दिल्ली पुलिस का आरोप है कि इमाम ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करके ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया।

पुलिस ने उस शर्त के उल्लंघन का हवाला दिया है जिसके तहत अंतरिम ज़मानत की अवधि के दौरान इमाम को सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करना था और न ही किसी मीडियाकर्मी के संपर्क में आना है।

अपनी अर्ज़ी में पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शरजील इमाम को अंतरिम ज़मानत की अवधि के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए साफ़ देखा जा सकता है।

याचिका में कहा गया,

"इसलिए आरोपी ने उस शर्त का गंभीर उल्लंघन किया है जिसके तहत उसे किसी भी मीडियाकर्मी के संपर्क में नहीं आना है।"

इसमें आगे कहा गया कि इमाम का यह व्यवहार जानबूझकर किया गया है और यह अदालत द्वारा लगाई गई अंतरिम ज़मानत की स्पष्ट शर्त का गंभीर उल्लंघन है।

याचिका में कहा गया,

"आरोपी को आज़ादी की जो रियायत दी गई थी, उसके साथ जुड़ी शर्तों का पालन करना उसके लिए ज़रूरी है, लेकिन उसने इस माननीय अदालत की आज़ादी और रियायत का दुरुपयोग किया है। आरोपी के व्यवहार से यह स्पष्ट है कि वह इस अदालत द्वारा दी गई आज़ादी का गलत इस्तेमाल कर रहा है।"

कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज समीर बाजपेयी ने इमाम को उसके चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक अंतरिम ज़मानत दी थी।

इससे पहले, इमाम को उसके भाई की शादी में शामिल होने के लिए 20 मार्च से 30 मार्च तक 10 दिनों की अंतरिम ज़मानत दी गई। आरोपी, जो 2019-2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करने में सबसे आगे रहने वाले छात्र कार्यकर्ता थे, उन पर 'गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम' (UAPA) और 'भारतीय दंड संहिता' (IPC) के तहत आरोप लगाए गए हैं। उन पर फरवरी 2020 के आखिरी हफ्ते में राष्ट्रीय राजधानी में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे की "बड़ी साजिश" रचने का आरोप है।

इस मामले में आरोपी हैं - ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा (2021 में जमानत मिली), शादाब अहमद, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मो. सलीम खान, अतहर खान, सफूरा जरगर (गिरफ्तारी के समय गर्भवती होने के कारण मानवीय आधार पर जमानत मिली), शरजील इमाम, फैजान खान, देवांगना कलिता (जमानत मिली) और नताशा नरवाल (जमानत मिली)।

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