सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में MLA अब्बास अंसारी की ज़मानत की शर्तों में ढील दी
गैंगस्टर एक्ट मामले में ज़मानत की शर्तों में ढील देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी विधायक अब्बास अंसारी को ट्रायल कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना उत्तर प्रदेश राज्य से बाहर यात्रा करने की अनुमति दी।
अदालत ने कहा कि जब अंसारी राज्य से बाहर यात्रा करना चाहें तो उन्हें जांच अधिकारी को यात्रा स्थल और संपर्क विवरण सहित विस्तृत जानकारी देनी होगी। सार्वजनिक बयानों पर प्रतिबंध लगाने वाली ज़मानत की शर्तों के बारे में, राजनेता को सलाह दी गई कि लंबित मामलों पर बयान न दिए जाएं।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्या बागची की खंडपीठ ने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और एडवोकेट निज़ाम पाशा (अंसारी की ओर से) की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने उत्तर प्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
संक्षेप में मामला
अदालत ने इस साल मार्च में कड़ी शर्तें लगाते हुए अंसारी को अंतरिम ज़मानत दी थी। उसने निर्देश दिया कि वह लखनऊ स्थित अपने आधिकारिक आवास पर ही रहेंगे। विधायक के निर्वाचन क्षेत्र यानी मऊ की यात्रा की अनुमति केवल ट्रायल कोर्ट और जिला पुलिस को पूर्व सूचना देने पर ही दी गई।
मई में अदालत ने अंसारी की अंतरिम ज़मानत की शर्तों में संशोधन किया और उन्हें लखनऊ स्थित अपने आधिकारिक आवास से अपने निर्वाचन क्षेत्र (यानी मऊ) की यात्रा के दौरान तीन रातों के लिए अपने गाजीपुर स्थित आवास पर रुकने की अनुमति दी।
अगस्त में भड़काऊ भाषण के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण विधायक के रूप में अयोग्य ठहराए जाने के बाद अंसारी ने अदालत से अपनी ज़मानत की शर्तों में ढील देने का आग्रह किया ताकि उन्हें भारत के भीतर यात्रा करने से पहले ट्रायल कोर्ट की पूर्व अनुमति न लेनी पड़े। हालांकि, हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण के मामले में उनकी दोषसिद्धि को निलंबित कर दिया और उनकी विधानसभा सदस्यता बहाल कर दी।
Case Title: ABBAS ANSARI v. STATE OF UTTAR PRADESH, SLP(Crl) No. 1091/2025