CAPF में IPS प्रतिनियुक्ति से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई अब विशेष पीठ करेगी, जस्टिस मिश्रा और जस्टिस भुयान की बेंच के समक्ष मामला सूचीबद्ध
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से जुड़े अवमानना मामले को सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच के समक्ष भेज दिया गया। जस्टिस मनोज मिश्रा की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ में जस्टिस उज्जल भुयान भी शामिल हैं। पीठ आज दोपहर 2 बजे मामले की सुनवाई करेगी।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब बुधवार को जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव के खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं को सूची से हटाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा था।
ये अवमानना याचिकाएं मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट के संजय प्रकाश बनाम भारत संघ मामले में दिए गए फैसले के कथित उल्लंघन से संबंधित हैं। मई 2025 का यह फैसला जस्टिस एएस ओक और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ ने दिया था। जस्टिस भुयान इस फैसले को लिखने वाली पीठ का हिस्सा थे।
बुधवार को अवमानना याचिकाएं जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस एएस चंद्रकुर की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थीं। इससे पहले जस्टिस भुयान की बेंच ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 46 IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा था।
हालांकि, न्यायिक निर्देश के बावजूद मामले को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से सूची से हटा दिया गया। इस पर जस्टिस भुयान की बेंच ने नाराजगी जताते हुए रजिस्ट्री को मामले को सूची से हटाए जाने के संबंध में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
अब मामले को विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। स्पेशल बेंच की अध्यक्षता जस्टिस मनोज मिश्रा करेंगे, जबकि जस्टिस उज्जल भुयान उनके साथ बेंच में शामिल होंगे।
मामले का अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जस्टिस मनोज मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच वर्तमान में उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल सामान्य प्रशासन अधिनियम, 2026 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 2026 का यह कानून मई 2025 में दिए गए संजय प्रकाश फैसले के प्रभाव को समाप्त करता है। इसी कानून को चुनौती देने वाली रिट याचिकाएं जस्टिस मिश्रा की बेंच के समक्ष लंबित हैं।
इस पृष्ठभूमि में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई विशेष पीठ के समक्ष होने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब विशेष बेंच यह मामला दोपहर 2 बजे सुनेगी।