Lakhimpur Kheri Case: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल जज पर सतर्कता रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट सीजे को भेजी, राज्य ने नये अभियोजक की नियुक्ति की
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में ट्रायल जज से संबंधित सतर्कता रिपोर्ट उचित निर्णय के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष रखी जाए।
यह घटनाक्रम पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से संबंधित जमानत मामले की सुनवाई के दौरान हुआ, जो इस मामले में आरोपी हैं।
बता दें, पिछली सुनवाई में वकील प्रशांत भूषण द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए पीड़ितों ने पीठासीन अधिकारी के साथ-साथ अभियोजक पर भी संदेह जताया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ को सूचित किया कि उच्च न्यायालय के सतर्कता अधिकारी की रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को भेज दी गई।
द्विवेदी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले निर्देश दिया कि सतर्कता रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में उसके सामने रखी जाए। उन्होंने अनुरोध किया कि रिपोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी जाए।
कोर्ट का आदेश:
"इलाहाबाद हाईकोर्ट के सतर्कता अधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट 22 सितंबर, 2026 के हमारे आदेश के पैराग्राफ 3 के संदर्भ में उचित निर्णय के लिए चीफ जस्टिस के समक्ष रखी जाएगी।"
यूपी ने नए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा
विशेष लोक अभियोजक द्वारा मुकदमा चलाने के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को सूचित किया कि एक नए अभियोजक का प्रस्ताव और सिफारिश की गई।
राज्य की ओर से वकील रुचिरा गोयल ने कहा कि प्रस्तावित अभियोजक के पास 16 साल का अनुभव है, उन्होंने जिला सरकारी वकील के रूप में काम किया और उनके पास विशेष आपराधिक कानून का अनुभव है।
कोर्ट ने दर्ज किया कि, राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट, लखीमपुर खीरी के साथ उचित परामर्श के बाद, एक नए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति का प्रस्ताव और सिफारिश की गई।
नियुक्ति पर राज्य सरकार उचित निर्णय लेगी।
Case Title : Ashish Mishra Alias Monu v. State of U.P.