मणिपुर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नेशनल हाईवे 2 से नाकेबंदी हटा दी गई, जबकि दूसरे हाईवे से भी नाकेबंदी हटाने की कोशिशें जारी हैं।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच 'कुकी महिला संगठन फॉर ह्यूमन राइट्स' की PIL पर सुनवाई कर रही थी। इस PIL में NH2 से नाकेबंदी हटाने और मणिपुर के प्रभावित ज़िले में ज़रूरी सेवाओं की सप्लाई बहाल करने की मांग की गई।

शुरुआत में, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि हाईवे खोल दिए गए।

याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर ने कोर्ट के सामने मणिपुर सरकार का 28.08.2026 का आदेश पेश किया, जिसमें मणिपुर में नेशनल और स्टेट हाईवे से नाकेबंदी/रुकावटें हटाने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता की बस यही चिंता थी कि सरकारी आदेश को पूरी तरह और सही भावना के साथ लागू किया जाए।

जब प्रतिवादी पक्ष ने कोई बात रखी तो जस्टिस बागची ने कहा,

"यह मूल रूप से कानून-व्यवस्था की समस्या है। कृपया इन मुद्दों को स्थानीय प्रशासन के ध्यान में लाएं। बाहर से आने वाले ट्रक ड्राइवरों, गाड़ियों वगैरह से किसी भी तरह की वसूली बंद होनी चाहिए।"

कोर्ट ने आदेश में कहा,

"उन्होंने [मिस्टर ग्रोवर] सही कहा कि अधिकारियों को उस आदेश को पूरी तरह और सही भावना के साथ लागू करने की कोशिश जारी रखनी चाहिए। मणिपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे ASG ने एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है, जिसके अनुसार NH2 से नाकेबंदी हटा दी गई है और ज़रूरी सामान की सप्लाई बहाल कर दी गई। [यह बताया गया] कि अन्य सभी नेशनल और स्टेट हाईवे से भी नाकेबंदी हटाई जा रही है। इन घटनाक्रमों को देखते हुए मिस्टर ग्रोवर का कहना है कि याचिका अब बेअसर हो गई। इसी के साथ मामला निपटाया जाता है।"

Case: KUKI WOMEN ORGANIZATION FOR HUMAN RIGHTS, A WING OF KUKI ORGANIZATION OF HUMAN RIGHTS TRUST (KOHUR) AND ANR. Versus THE STATE OF MANIPUR AND ANR. W.P.(C) No. 961/2026

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