सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अनिल अंबानी की याचिका, लोन अकाउंट्स को 'फ्रॉड' बताने पर रोक नहीं

Update: 2026-04-16 10:04 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने बैंकों द्वारा उनके लोन खातों को “फ्रॉड” घोषित करने पर रोक लगाने की मांग की थी।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की खंडपीठ ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है।

क्या है मामला?

बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और आईडीबीआई बैंक ने आरबीआई के 2024 निर्देशों के तहत अंबानी के खातों को “फ्रॉड” घोषित किया था। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस पर लगी रोक हटा दी थी।

कोर्ट की अहम बातें

कोर्ट ने कहा कि वह इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेगा, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट की टिप्पणियां अंतिम फैसले को प्रभावित नहीं करेंगी।

अंबानी की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने बैंकों से समझौते की इच्छा जताई, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड किया, पर उस पर कोई राय नहीं दी।

अंबानी की दलील

सिब्बल ने कहा कि “फ्रॉड” घोषित होना “सिविल डेथ” जैसा है और ऑडिट प्रक्रिया सही नहीं थी।

हालांकि, कोर्ट ने बैंकों के निर्णय में दखल देने से इनकार कर दिया।

निष्कर्ष

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अंबानी को राहत नहीं मिली। अब मामला निचली अदालत में तेजी से आगे बढ़ेगा।

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