बिना प्रक्रिया बैंक अकाउंट फ्रीज करना गैरकानूनी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया

Update: 2026-04-14 06:53 GMT

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना बैंक अकाउंट अटैच करना संविधान के अनुच्छेद 300ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में संबंधित अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य कर विभाग द्वारा 23 जनवरी, 2026 को जारी बैंक अकाउंट की अस्थायी अटैचमेंट आदेश को चुनौती दी गई।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि बिना कोई ठोस आधार बनाए, बिना उचित कारण बताए और बिना सही नोटिस दिए अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया। साथ ही उसने वैकल्पिक सुरक्षा देने की पेशकश भी की थी, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया।

अदालत ने कहा कि इस प्रकार की अटैचमेंट शक्ति बहुत कठोर होती है। इसका प्रयोग कानून के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने पाया कि इस मामले में अधिकारियों ने न तो कोई ठोस सामग्री के आधार पर राय बनाई और न ही आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया।

कोर्ट ने यह भी कहा कि बैंक अकाउंट को फ्रीज करना सीधे तौर पर व्यापार को प्रभावित करता है और व्यक्ति को उसके संपत्ति के अधिकार से वंचित करता है।

अदालत ने टिप्पणी की कि तीन महीने तक अकाउंट को ऐसे ही अटैच रखना व्यवसाय को ठप कर देने जैसा है।

अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की कार्रवाई मनमानी है और कानून के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है।

मामले में केवल आदेश रद्द करना पर्याप्त नहीं मानते हुए कोर्ट ने संबंधित संयुक्त आयुक्त को 25,000 रुपये महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराने का निर्देश दिया।

Tags:    

Similar News