शादी तय होने पर दुष्कर्म आरोपी को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- विवाह तक न हो कठोर कार्रवाई

Update: 2026-05-01 09:11 GMT

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक दुष्कर्म आरोपी को अंतरिम राहत देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई, जबकि उसकी अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत में लंबित है।

अदालत ने यह राहत इस आधार पर दी कि आरोपी का विवाह 4 मई, 2026 को निर्धारित है।

जस्टिस अश्विन भोबे ने आदेश पारित करते हुए जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि आरोपी की लंबित अग्रिम जमानत याचिका पर विशेष अदालत द्वारा निर्णय होने तक उसके विरुद्ध कोई कठोर कदम न उठाया जाए।

अदालत ने कहा कि आरोपी और उसके परिवार द्वारा विवाह की सभी तैयारियां की जा चुकी हैं, और यह एक असाधारण परिस्थिति है।

हाईकोर्ट ने विशेष अदालत को भी निर्देश दिया कि वह आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका का निस्तारण सभी पक्षों को सुनकर यथाशीघ्र, अधिकतम दो सप्ताह के भीतर गुण-दोष के आधार पर करे।

आरोपी ने हाईकोर्ट को बताया कि उसकी अग्रिम जमानत याचिका पुणे की विशेष अदालत में लंबित है, जहां राज्य और शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया गया। राज्य ने अपना जवाब दाखिल कर दिया, किंतु शिकायतकर्ता ने अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया।

आरोपी ने आशंका व्यक्त की कि स्पेशल कोर्ट में अगली तारीख पर भी शिकायतकर्ता स्थगन मांग सकती है ताकि उसका विवाह न हो सके। इस बीच उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।

हाईकोर्ट ने कहा कि सामान्यतः जब कोई याचिका ट्रायल कोर्ट में लंबित होती है तो हाईकोर्ट हस्तक्षेप नहीं करता, किंतु इस मामले की परिस्थितियां हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त हैं।

अभियोजन के अनुसार, शिकायतकर्ता एक विवाहित महिला है, जिसके दो बच्चे हैं और वह वर्ष 2018 से आरोपी के साथ प्रेम संबंध में थी। संबंध बिगड़ने के बाद उसने 14 अप्रैल, 2026 को दुष्कर्म की FIR दर्ज कराई।

मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर विशेष अदालत अब शीघ्र सुनवाई करेगी।

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