रिपोर्टिंग करें, तड़का न लगाएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी को दी नसीहत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़े मामलों की कवरेज को लेकर रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग करते समय अनावश्यक सजावट (एम्बेलिशमेंट) से बचें।
जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने साफ किया कि कोर्ट किसी तरह का प्रतिबंध (गैग ऑर्डर) लगाने के पक्ष में नहीं है लेकिन रिपोर्टिंग का लहजा संयमित होना चाहिए।
सुनवाई के दौरान अंबानी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि चैनल पर प्रसारित कार्यक्रमों में फ्रॉडस्टर और स्टुपिड जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो न सिर्फ आपत्तिजनक हैं बल्कि उनके मुवक्किल की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले की सुनवाई में भी पत्रकार को सीमा न लांघने की सलाह दी गई।
वहीं, गोस्वामी की ओर से सीनियर वकील ने फेयर कमेंट का हवाला देते हुए कहा कि चैनल केवल उन तथ्यों की रिपोर्टिंग कर रहा है, जो नियामक संस्थाओं जैसे सेबी के आदेशों में दर्ज हैं, जहां संगठित धोखाधड़ी जैसे शब्दों का उपयोग हुआ।
इस पर कोर्ट ने कहा कि तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पर कोई रोक नहीं है, लेकिन उसे सनसनीखेज बनाने के लिए अतिरिक्त शब्दों या टिप्पणी का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अंबानी पक्ष कथित आपत्तिजनक क्लिप्स अदालत में प्रस्तुत करे ताकि प्रतिवादी उस पर विचार कर सकें।
मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।