राहुल गांधी के खिलाफ याचिकाएं दायर करने वाले BJP कार्यकर्ता की Z+ सुरक्षा मांग पर 3 हफ्ते में फैसला करे केंद्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा मांगी गई अखिल भारतीय स्तर की Z+ सुरक्षा पर तीन सप्ताह के भीतर कारणयुक्त फैसला लिया जाए।
जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अभदेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश शिशिर की याचिका का निस्तारण करते हुए दिया।
शिशिर ने अपनी याचिका में मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाकर अखिल भारतीय स्तर पर Z+ सुरक्षा देने की मांग की थी। फिलहाल उन्हें सीएपीएफ सुरक्षा अधिकारी की चौबीसों घंटे सुरक्षा प्राप्त है।
पहले उन्होंने Y+ सुरक्षा की मांग की थी लेकिन 12 मई 2026 को हाईकोर्ट की समन्वय पीठ द्वारा पारित आदेश के बाद कथित खतरे का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी मांग संशोधित कर 'ज़ेड प्लस' सुरक्षा की मांग की।
दरअसल इसी मामले में हाईकोर्ट ने पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति संबंधी आरोपों की जांच कर प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
अदालत को बताया गया कि शिशिर ने 26 अप्रैल 2026 को ही गृह मंत्रालय के समक्ष ज़ेड प्लस सुरक्षा के लिए आवेदन दे दिया था।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश डिप्टी एडवोकेट जनरल ने कहा कि बदली परिस्थितियों के बाद इस आवेदन पर कोई निर्णय लिया गया है या नहीं, इस बारे में उन्हें कोई निर्देश प्राप्त नहीं हैं।
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा जताए गए खतरे को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी को इस मामले में निर्णय लेना आवश्यक है।
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि गृह सचिव या संबंधित सक्षम प्राधिकारी याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार तीन सप्ताह के भीतर कारणयुक्त आदेश पारित करें।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय होने तक शिशिर को वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।
इसके साथ ही अदालत ने शिशिर को यह स्वतंत्रता भी दी कि वह 12 मई के आदेश वाली समन्वय पीठ के समक्ष अलग से आवेदन दाखिल कर राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत की जांच की प्रगति जान सकता है।
गौरतलब है कि शिशिर की एक अन्य याचिका भी हाइकोर्ट में लंबित है, जिसमें राहुल गांधी पर कथित ब्रिटिश नागरिकता रखने के आरोप में FIR दर्ज करने की मांग की गई।