ईंधन बचत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा कदम, कार-पूलिंग और हाइब्रिड सुनवाई को बढ़ावा

Update: 2026-06-04 11:28 GMT

ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज स्थित प्रधान पीठ और लखनऊ खंडपीठ के लिए कई मितव्ययिता (austerity) उपाय लागू किए हैं। ये कदम भारत के मुख्य न्यायाधीश के पत्र और केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन के अनुरूप उठाए गए हैं।

नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री अधिकारियों को कार-पूलिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही सभी श्रेणी के कर्मचारियों से भी वाहन साझा करने और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करने को कहा गया है।

हाईकोर्ट ने प्रयागराज और लखनऊ पीठ के सदस्यों वाली समितियों की बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि अनावश्यक यात्रा और खर्च को कम किया जा सके।

अदालत ने हाइब्रिड मोड में सुनवाई को भी बढ़ावा दिया है। न्यायाधीशों के विवेक पर मामलों की सुनवाई ऑनलाइन और भौतिक उपस्थिति के मिश्रित स्वरूप में की जा सकेगी। अधिवक्ताओं से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकाधिक पेश होने का आग्रह किया गया है।

हाइब्रिड व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए हाईकोर्ट ने एक समर्पित ईमेल आईडी और कम से कम दो हेल्पलाइन नंबर शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि अधिवक्ताओं और अन्य हितधारकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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