अमरनाथ शिवलिंग के सामने यात्री शांत रहेंगे, आरती, रस्मों के वक्त रोक नहीं : NGT ने स्पष्ट किया [आर्डर पढ़े]

Update: 2017-12-14 14:57 GMT

मीडिया में ये खबर आने के एक दिन बाद कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यनल ने अमरनाथ में मंत्र बोलने और जयकारा लगाने पर रोक लगा दी है, ट्रिब्यूनल ने गुरुवार को साफ किया है कि सिर्फ जब लोग अमरनाथ जी महाशिवलिंग के सामने खडे होंगे- जो गुफा में प्राकृतिक तौर पर बनते हैं - तब आरती व अन्य रस्मों को छोडकर श्रद्धालु शांत रहेंगे ताकि महाशिवलिंग पर ध्वनि, गरमी व कंपन का कोई विपरीत प्रभाव ना पडे और बाद में जाने वाले श्रद्धालु भी शिवलिंग के दर्शन कर पाएं।

NGT के चेयरमैन जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि 13 दिसंबर 2017 के आदेशों के तहत ट्रिब्यूनल का ना  तो उद्देश्य था  और ना ही उन्होंने अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अंतर्गत आने वाले पूरे क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित किया। ये भी साफ किया जाता है कि गुफा में मंत्र आदि के उच्चारण पर रोजाना की आरती के दौरान रोक नहीं होगी।

बेंच ने बुधवार को अपने आदेश में कहा था कि सीढियां खत्म होने से और पवित्र गुफा के क्षेत्र को साइलेंस जोन माना जाएगा। इस आदेश का बडा प्रचार हुआ और सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी आलोचना की। गुरुवार को बेंच ने फिर से मामले को लिया और कहा कि उसके आदेश को कई जगह सही तरीके से नहीं बताया गया।

इसमें किसी तरह की अस्पष्टता या ग़लतफ़हमी या गलत अर्थ ना निकाला जाए इसलिए बेंच ने ये उचित समझा कि ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में वास्तव में क्या कहा है। इसके बाद बेंच ने नए दिशानिर्देश जारी किए :




  1. 13 दिसंबर 2017 के आदेशों के तहत ट्रिब्यूनल का ना  तो उद्देश्य था  और ना ही उन्होंने अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अंतर्गत आने वाले पूरे क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित किया।

  2. ट्रिब्यूनल ने जो इकलौती रोक लगाई वो साफ करने के लिए फिर से दोहराया जा रहा है किसिर्फ जब श्रद्धालु/ लोग अमरनाथ जी महाशिवलिंग के सामने खडे होंगे- जो गुफा में प्राकृतिक तौर पर बनते हैं तो वो शांत रहेंगे। ये रोक अन्य किसी क्षेत्र, जिसमें पवित्र गुफा तक जाने वाली सीढियां भी शामिल हैं, में लागू नहीं होगी।

  3. पवित्र गुफा से करीब 30 कदम पहले आखिरी सीढी पर कोई भी श्रद्धालु/ व्यक्ति कोई सामान नहीं ले जाएगा जो पहले से ही बोर्ड द्वारा किया गया है। ये साफ किया जा रहा है कि इस सीढी से नीचे की सीढियों पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।

  4. श्राइन में भक्तों/ आने वालों की एक ही पंक्ति रहेगी

  5. सभी संबंधित पक्षों को इन निर्देशों का पालन करना होगा।

  6. हमारे विचार में ये निर्देश एक तरफ पवित्र गुफा कीपवित्रता और प्राचीनता को बनाए रखने और दूसरी ओर ये सुनिश्चित किया जा सके किमहाशिवलिंग पर ध्वनि, गरमी व कंपन का कोई विपरीत प्रभाव ना पडे और बाद में जाने वाले श्रद्धालु भी शिवलिंग के दर्शन कर पाएं।

  7. गुफा में मंत्र आदि के उच्चारण पर रोजाना की आरती के दौरान ये  रोक नहीं होगी।


इस मामले की सुनवाई अब 18 जनवरी को होगी। बेंच ने इसी दौरान यात्री इस्तेमाल किए जाने वाले घोडों व खच्चरों के पुनर्वास के लिए योजना भी मांगी है जिनमें वैष्णों देवी भी शामिल है और उनके द्वारा किए जाने वाला प्रदूषण भी है। बेंच ने यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्लीनिक उपलब्ध कराने पर  भी जोर दिया है


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