क्या आंसर शीट दिखाने के मामले में राज्य PSC के नियम RTI Act से ऊपर हैं? सुप्रीम कोर्ट करेगा जांच

Update: 2026-04-28 15:21 GMT

सुप्रीम कोर्ट अब इस बात की जांच करेगा कि क्या कोई राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission) यह तय कर सकता है कि भर्ती परीक्षा से जुड़ी जानकारी किस चरण में दी जाएगी, और क्या उम्मीदवार उस चरण से पहले ऐसी जानकारी मांगने के लिए 'सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005' (RTI Act) का सहारा ले सकते हैं।

कोर्ट ने कहा,

"इन याचिकाओं में हमारे विचार के लिए जो सवाल सामने आया है, वह यह है: 'क्या कोई राज्य लोक सेवा आयोग - जो एक संवैधानिक संस्था है - अपने खुद के नियम बना सकता है, जो यह तय करें कि उसके द्वारा आयोजित किसी सार्वजनिक परीक्षा से जुड़ी जानकारी किस चरण में दी जाएगी? यदि हाँ, तो क्या कोई उम्मीदवार उस चरण से पहले भी जानकारी मांगने के लिए 'सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005' के प्रावधानों का सहारा ले सकता है?'"

जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाR, जिसमें उम्मीदवारों को चल रही भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपनी आंसर शीट देखने की अनुमति दी गई।

कोर्ट उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा उस फैसले के खिलाफ दायर की गई विशेष अनुमति याचिकाओं (Special Leave Petitions) पर सुनवाई कर रहा था।

आयोग ने दलील दी कि 'उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (कार्य-प्रणाली और कार्य-संचालन) नियम, 2013' का नियम 45 यह कहता है कि अंकों की जानकारी केवल अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही दी जाएगी; जबकि नियम 71(7) चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आयोग द्वारा तय की गई प्रक्रिया के अनुसार, आंसर शीट देखने की अनुमति देता है।

आयोग ने तर्क दिया कि संवैधानिक संस्था होने के नाते उसे जानकारी देने के चरण को विनियमित करने का अधिकार है। उसने यह भी कहा कि बीच के चरणों में जानकारी देखने की अनुमति देने से मुकदमेबाजी बढ़ेगी और भर्ती प्रक्रिया में बाधा आएगी।

दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने छह सप्ताह में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया और हाईकोर्ट के फैसले के अमल पर रोक लगाई।

Case Title – Uttarakhand Public Service Commission v. Ruchi Rana & Ors.

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