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भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 501 से 503: आपराधिक मामलों में आपत्तिजनक वस्तुओं के विनाश, अचल संपत्ति की पुनः प्राप्ति और पुलिस द्वारा जब्त संपत्ति के निपटान की प्रक्रिया
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 501 से 503: आपराधिक मामलों में आपत्तिजनक वस्तुओं के विनाश, अचल संपत्ति की पुनः प्राप्ति और पुलिस द्वारा जब्त संपत्ति के निपटान की प्रक्रिया

आपराधिक न्याय प्रणाली केवल अपराधी को दंडित करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपराध से जुड़ी हुई वस्तुओं, संपत्तियों और पीड़ितों के अधिकारों की भी रक्षा करती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bhartiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) में धाराएं 501 से 503 तक शामिल की गई हैं।ये धाराएं विशेष रूप से न्यायालय द्वारा आपत्तिजनक सामग्री के नष्ट करने, अचल संपत्ति के कब्जे की पुनः प्राप्ति और पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्ति के सुरक्षित निपटान से संबंधित हैं। नीचे हम इन...

क्या राज्य पारंपरिक पशु खेलों जैसे जल्लीकट्टू को संवैधानिक अधिकारों और पशु कल्याण कानूनों का उल्लंघन किए बिना वैध बना सकते हैं?
क्या राज्य पारंपरिक पशु खेलों जैसे जल्लीकट्टू को संवैधानिक अधिकारों और पशु कल्याण कानूनों का उल्लंघन किए बिना वैध बना सकते हैं?

मूल संवैधानिक और कानूनी प्रश्न (Core Constitutional and Legal Question)सुप्रीम कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2023) के ऐतिहासिक निर्णय में यह तय किया कि क्या तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्य पारंपरिक पशु खेलों—जैसे जल्लीकट्टू, कम्बाला और बैलगाड़ी दौड़—को वैध कर सकते हैं, जबकि ए. नागराजा (2014) निर्णय में इन्हें अमानवीय (Cruel) और अवैध घोषित किया गया था। इस निर्णय में अदालत ने यह स्पष्ट किया कि क्या इन खेलों को सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) कहकर...