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हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र

LiveLaw News Network
29 May 2021 8:04 AM GMT
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
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24 मई 2021 से 28 मई 2021 तक हाईकोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र

अवकाश पीठ के न्यायाधीश जमानत दे सकते हैं, रोक, निषेधाज्ञा के संबंध में अंतरिम आदेश पारित कर सकते हैं लेकिन मेरिट के आधार पर मामलों का निपटान नहीं कर सकते: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने सोमवार (24 मई) को फैसला सुनाया कि एक अवकाश पीठ के न्यायाधीश जमानत आवेदनों के अलावा, मेरिट के आधार पर किसी मामले का फैसला और निपटान नहीं कर सकता है। न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की खंडपीठ ने कहा, "एक अवकाश पीठ के न्यायाधीश आपराधिक मामलों में जमानत दे सकता है और केवल ऐसे अन्य मामलों में स्थगन, निषेधाज्ञा और अन्य राहत के संबंध में 'अंतरिम आदेश' पारित कर सकता है। साथ ही दीवानी या संविधान के तहत 'जैसा कि वह आकस्मिक विचार कर सकता है', लेकिन जमानत आवेदनों के अलावा, मेरिट के आधार पर एक मामले का फैसला और निपटान नहीं कर सकता है।"

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निजी जानकारी को इंटरनेट सर्च से हटाने का अधिकार- दिल्ली हाईकोर्ट ने Google, Indian Kanoon को एनडीपीएस मामले में बरी किए गए अमेरिकी नागरिक से जुड़े फैसले को सर्च इंजन से हटाने/ब्लॉक करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में किसी व्यक्ति की निजता के अधिकार और लोगों के सूचना के अधिकार और न्यायिक रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनाए रखने के सवाल से जुड़े एक मामले में इंडियन कानून (Indian Kannon) को एनडीपीएस मामले में बरी किए गए अमेरिकी नागरिक से जुड़े फैसले को गूगल/याहू आदि सर्च इंजन से हाटने या ब्लॉक करने का निर्देश देकर भारतीय मूल के एक अमेरिकी नागरिक को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

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कन्नाया कैथोलिक चर्च की अंतर्विवाह ना करने पर निष्कासन की प्रथा असंवैधानिक, यीशू की शिक्षाओं के खिलाफः केरला कोर्ट

केरल की एक सिविल कोर्ट ने एक फैसला में कहा है कि कन्नाया कैथोलिक चर्च द्वारा समुदाय से बाहर विवाह करने के कारण किसी सदस्य को निष्कासित करने की प्रथा संविधान के अनुच्छेद 25 (धर्म का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (विवाह का अध‌िकार) के खिलाफ है। कोट्टायम के अतिरिक्त उप न्यायालय ने माना कि चर्च में बाध्यकारी अंतर्विवाह की प्रथा विवाह के अधिकार का उल्लंघन है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार का एक पहलू है। कोर्ट ने माना कि अंतर्विवाह का उल्लंघन करने के लिए कन्नाया चर्च द्वारा किसी सदस्य की सदस्यता समाप्त करना संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत ‌दिए गए अधिकार का उल्लंघन है।

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को तरुण तेजपाल केस के फैसले में पीड़िता की पहचान के संदर्भों को संशोधित करने का निर्देश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट की अवकाश पीठ (गोवा) ने तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई कर रहे जिला एवं सत्र न्यायालय को अपनी वेबसाइट पर बरी करने के आदेश को अपलोड करते समय पीड़िता की पहचान के संदर्भों को संशोधित करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एससी गुप्ते की एकल पीठ ने राज्य को 21 मई के बरी करने के आदेश के खिलाफ अपील के आधार को संशोधित करने के लिए 3 दिन का समय दिया है, जिसकी कॉपी 25 मई को उपलब्ध कराई गई थी।

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"सुनिश्चित करें कि स्थानीय पुलिस हिंदू धर्म अपनाने वाली मुस्लिम महिला के विवाहित जीवन में हस्तक्षेप न करे": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार (26 मई) को हिंदू धर्म अपनाने वाली और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार एक पुरुष से शादी करने वाली एक मुस्लिम महिला को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की खंडपीठ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि स्थानीय पुलिस याचिकाकर्ताओं (महिला और उसके पति) के शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप न करे।

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प्रत्येक जिले के लिए आवश्यक ऑक्सीजन के बफर स्टॉक की न्यूनतम मात्रा तय करें, कर्नाटक एचसी ने राज्य को निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए प्रत्येक जिले में बफर स्टॉक के रूप में बनाए रखने के लिए ऑक्सीजन की न्यूनतम मात्रा तय करने का निर्णय लेने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ ने कहा, "राज्य सरकार को कम से कम साप्ताहिक आधार पर प्रत्येक जिले में ऑक्सीजन के बफर स्टॉक की न्यूनतम मात्रा तय करने पर निर्णय लेना होगा। ताकि बफर का उपयोग किसी भी कार्य के लिए किया जा सके।"

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'स्पष्ट है कि पुलिस ने अपराधी की मदद की': कर्नाटक हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी पुलिसकर्मी की जमानत रद्द की

यह देखते हुए कि ''यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि पुलिस कैसे जघन्य अपराध करने वाले आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार करने के बजाय उसे आराम से घुमने की अनुमति देती है, जबकि वह खुद पुलिस स्टेशन में उपलब्ध था'', कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह रेप के आरोपी पुलिस सब इंस्पेक्टर विश्वनाथ बिरदार को गिरफ्तार करे। न्यायमूर्ति एचपी संदेश की एकल पीठ ने 19 दिसंबर, 2020 को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश, दक्षिण कन्नड़, मंगलुरु द्वारा पारित आदेश को रद्द करते हुए कहा, ''पुलिस अधिकारियों का कार्य एक व्यक्ति को आराम से घुमने की अनुमति देने के अलावा और कुछ नहीं है, वह भी एक पुलिस अधिकारी को,जिसने यौन उत्पीड़न का एक गंभीर अपराध किया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने के अलावा पुलिस विभाग के अधिकारियों ने खुद आरोपी को कानून के चंगुल से छुड़ाने में मदद की है। यह बहुत स्पष्ट है कि पुलिस अधिकारियों ने एक अपराधी की मदद की है।''

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'राज्य को अल्पसंख्यकों के साथ समान व्यवहार करना है': केरल हाईकोर्ट ने मुसलमानों को 80% अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति आवंटित करने की योजना रद्द की

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केरल सरकार के मुस्लिम छात्रों और लैटिन कैथोलिक/धर्मांतरित ईसाइयों को 80:20 के अनुपात में छात्रवृत्ति देने की घोषणा के आदेश को रद्द कर दिया। यह घोषणा करते हुए कि आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हो सकता, जस्टिस शाजी पी चाली ने अपनी और चीफ जस्टिस मणिकुमार की खंडपीठ के ओर से बोलते हुए राज्य को अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को समान रूप से योग्यता-सह-साधन छात्रवृत्ति प्रदान करने का निर्देश दिया।

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केरल उच्च न्यायालय में 64 वर्षों में बार की केवल 3 महिलाएं ही जज नियुक्त हो पाईं, जबकि कई मेधावी महिलाएं हैं: निवर्तमान जज जस्टिस पीवी आशा ने अपने विदाई भाषण में कहा

केरल उच्च न्यायालय की निवर्तमान न्यायाधीश जस्टिस पीवी आशा ने अपने विदाई भाषण में न्यायपालिका में अधिक महिलाओं के प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया। जस्टिस आशा ने कहा कि केरल उच्च न्यायालय के 64 वर्षों के इतिहास में केवल 3 महिलाओं को ही बार से जज के रूप में नियुक्त किया गया है। जस्टिस केके उषा के बाद वह बार से नियुक्त होने वाली दूसरी महिला जज थीं। दोनों नियुक्तियों के बीच 23 साल का अंतर था। जस्टिस आशा के ग्यारह महीने बाद नियुक्त की गई जस्टिस अनु शिवरामन बार की तीसरी महिला जज हैं।

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