पंजाब स्थित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (RGNUL) में 9 अप्रैल 2026 को भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) पर द्वितीय राष्ट्रीय पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (CIIPR) द्वारा भारतीय शिक्षण मंडल, पंजाब प्रांत के सहयोग से किया गया।
यह कार्यक्रम भारतीय शिक्षण मंडल के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ, जिसका मुख्य विषय 'भारतीय ज्ञान संपदा के प्रचार, संरक्षण और प्रबंधन में युवाओं की भूमिका' रहा। इस चर्चा में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और संस्थागत विशेषज्ञों ने भाग लेकर भारत की स्वदेशी बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्येय श्लोक, ध्येय वाक्य के पाठ और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। प्रो. डॉ. नरेश वत्स ने अपने स्वागत भाषण में 'विजन विकसित भारत 2047' को साकार करने में युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। इसके बाद डॉ. अशोक ठाकुर ने अपने विचार रखे, वहीं प्रो. दिलीप कुमार ने समाज के हित में शोध और संपर्क को बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
मुख्य वक्ता प्रो. राजीव आहूजा ने बताया कि IIT रोपड़ द्वारा कृषि क्षेत्र के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मॉडल विकसित किया गया है, जो किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. बी.के. कुठियाला ने स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के संदर्भ में पारिस्थितिकी संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला।
चर्चा के दौरान कानून, जनसंचार, प्रौद्योगिकी और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े बहु-विषयक दृष्टिकोण सामने आए और इन्हें नई शिक्षा नीति के साथ जोड़ने पर बल दिया गया। कार्यक्रम का समापन डॉ. इवनीत कौर वालिया के धन्यवाद प्रस्ताव और शांति मंत्र के साथ हुआ।