केस पेपरबुक से रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट ने जांच के आदेश दिए, कहा — यह एक 'प्रवृत्ति' बनती जा रही है
सुप्रीम कोर्ट ने आज केस पेपरबुक से रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स (ROP) / आदेश पत्र (Order Sheets) के गायब होने के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताते हुए अपने महासचिव (Secretary General) को तथ्यात्मक जांच (fact-finding inquiry) करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि महत्वपूर्ण आदेशों का रिकॉर्ड से गायब होना चिंताजनक है और यह प्रवृत्ति लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि पेपरबुक से महत्वपूर्ण ROPs का गायब होना अब “रोजमर्रा की बात” बन गई है और ऐसा प्रतीत होता है कि यह किसी स्पष्ट कारण से जानबूझकर किया जा रहा है। पीठ ने विशेष रूप से कहा कि वर्तमान मामले में 8 सितंबर 2025 का आदेश, जो आगे की कार्यवाही के लिए महत्वपूर्ण था, रिकॉर्ड में नहीं पाया गया।
अदालत ने महासचिव को निर्देश दिया कि इस संबंध में विस्तृत तथ्यात्मक जांच कर रिपोर्ट प्रशासनिक पक्ष पर चीफ़ जस्टिस को प्रस्तुत की जाए।
यह निर्देश उस समय दिया गया जब पीठ गोवा टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी।