'समाधान समारोह' पहल: 45,098 लंबित मामलों को मध्यस्थता से निपटाने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से मांगा सहयोग

Update: 2026-04-23 06:27 GMT

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने लंबित मामलों के निपटारे के लिए एक बड़ी पहल करते हुए 45,098 मामलों की पहचान की है, जिन्हें मध्यस्थता (Mediation) और लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है।

यह पहल 'समाधान समारोह' (Samadhan Samaroh) के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। यह कार्यक्रम 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा 22 अप्रैल 2026 को जारी सर्कुलर के अनुसार, यह पहल भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत के मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य “डोरस्टेप डिलीवरी ऑफ जस्टिस” को बढ़ावा देना है।

21 अप्रैल 2026 को इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के साथ अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल और बार संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

सर्कुलर में कहा गया है कि चिन्हित मामलों की सूची SCBA की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वकील यह देख सकें कि उनके मामले इस पहल में शामिल हैं या नहीं। साथ ही, वकीलों से अपने मामलों की जानकारी साझा करने और ऐसे मामलों की पहचान करने का आग्रह किया गया है, जिन्हें मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकता है।

इसके लिए जल्द ही एक गूगल फॉर्म लिंक भी जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से अधिवक्ता अपने मामलों का विवरण जमा कर सकेंगे।

SCBA ने कहा है कि इस पहल की सफलता के लिए वकीलों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग बेहद जरूरी है।

यह पहल न्याय प्रणाली में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और विवादों के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







 


 


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