NEET परीक्षा सुधार: FAIMA ने NTA के हलफनामे पर उठाए सवाल, राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू न करने का आरोप
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में NTA के परीक्षा सुधारों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की कई महत्वपूर्ण सिफारिशें अब तक लागू नहीं की गई हैं।
FAIMA ने सवाल किया कि राधाकृष्णन समिति के रहते नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में नई हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने की जरूरत क्यों पड़ी। समिति ने अक्टूबर 2024 में परीक्षा सुधारों को लेकर 101 सिफारिशें दी थीं।
FAIMA ने कहा कि समिति ने पेपर लीक की संभावनाओं को कम करने के लिए Computer-Based Test (CBT) अपनाने, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिजिटल ट्रांसमिशन, अधिकारीवार Chain of Custody, CCTV निगरानी और परीक्षा केंद्रों की कड़ी जांच की सिफारिश की थी। संगठन का आरोप है कि NTA के हलफनामे में इन सिफारिशों के क्रियान्वयन की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है।
FAIMA ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Act, 2026 पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर सेटर्स, वेटर्स और अन्य अधिकृत कर्मचारियों द्वारा गोपनीय प्रश्नपत्र की जानकारी लीक करने की स्थिति में विशेष जवाबदेही और कठोर दंड का स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए।
संगठन ने परीक्षा के बाद इस्तेमाल न किए गए या गलत प्रिंट प्रश्नपत्रों को NTA की निगरानी में सुरक्षित तरीके से नष्ट करने की व्यवस्था पर भी चिंता जताई है। यह जवाब अधिवक्ता तन्वी दुबे के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया है।