एक ही वादी द्वारा मुकदमों में आम फैसले के खिलाफ समग्र अपील सुनवाई योग्य: सुप्रीम कोर्ट

Update: 2026-08-13 09:59 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (12 अगस्त) को कहा कि एक ही वादी द्वारा दायर मुकदमों में दिए गए सामान्य फैसले के खिलाफ समग्र अपील सुनवाई योग्य होगी।

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसने अपीलकर्ता (वादी) द्वारा स्थापित दो मुकदमों पर निर्णय देने वाले सामान्य फैसले के खिलाफ अपीलकर्ता द्वारा दायर समग्र अपील पर विचार करने के प्रथम अपीलीय न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप किया था।

कोर्ट ने कहा,

"...हमारा विचार है कि हाईकोर्ट के फैसले को कायम नहीं रखा जा सकता। जैसा कि तय किया गया प्रश्न है, इसका उत्तर यह मानते हुए दिया गया कि वादी द्वारा संहिता की धारा 96 के तहत दायर की गई समग्र अपील उन परिस्थितियों में विचार करने योग्य थी, जिनमें इसे प्रस्तुत किया गया। प्रथम अपीलीय अदालत ने इसे सही ढंग से माना और गुण-दोष के आधार पर इसका फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने यह मानने में गलती की कि वादी द्वारा दायर की गई समग्र अपील सुनवाई योग्य नहीं थी।"

न्यायालय ने यह कहते हुए हाईकोर्ट के फैसले को गलत ठहराया,

"यदि हाईकोर्ट का विचार था कि एक ही वादी द्वारा दायर दो मुकदमों में दिए गए आम फैसले को चुनौती देने के लिए प्रत्येक अपील के लिए एक अलग ज्ञापन आवश्यक था तो उक्त कमी को ठीक करने का अवसर वादी को दिया जाना चाहिए। दोष ऐसी प्रकृति का नहीं था कि गुण-दोष के आधार पर बिना किसी निर्णय के अपीलीय न्यायालय का फैसला रद्द करना पड़ा।"

Cause Title: BASSANNA SINCE DECEASED BY LRS. AND OTHERS VERSUS BHIMANNA AND OTHERS

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