DERC के चेयरपर्सन और सदस्यों का चयन दो महीने के भीतर पूरा करें: सुप्रीम कोर्ट ने चयन समिति को निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने चयन समिति को निर्देश दिया कि वह दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) के चेयरपर्सन और दो सदस्यों के चयन की प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी करे।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने आदेश दिया -
"चयन समिति चेयरपर्सन और दो सदस्यों के चयन के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाए और चयन प्रक्रिया को 2 महीने की अवधि के भीतर पूरा करने का प्रयास करे। इस मामले को 2 महीने बाद तुरंत लिस्ट किया जाए। एक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जाए।"
कोर्ट ने यह निर्देश NGO 'एनर्जी वॉचडॉग' द्वारा दायर एक याचिका पर दिया, जिसमें DERC में नियमित नियुक्तियों और बिजली अधिनियम, 2003 के तहत एक चयन समिति के गठन की मांग की गई।
इस हफ़्ते की शुरुआत में कोर्ट ने DERC में नियुक्तियों के लिए चयन समिति के गठन में देरी को लेकर दिल्ली सरकार से सवाल किया। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि आयोग के लगभग एक साल से बिना चेयरपर्सन के रहने के बावजूद, यह प्रक्रिया "कहीं भी आगे बढ़ती" नहीं दिख रही है।
जब सरकार ने और समय मांगा तो कोर्ट ने दो दिन का समय दिया और कहा कि वह चयन समिति को अधिसूचित करने की समय-सीमा के बारे में स्पष्ट संकेत चाहता है। शुक्रवार, कोर्ट को सूचित किया गया कि चयन समिति का गठन 27 मई को किया गया। इस बात का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने समिति को निर्देश दिया कि वह चयन प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा करे।
Case Title – Energy Watchdog v. Government of NCT of Delhi and Anr.