वन विभाग की असंवेदनशीलता निंदनीय': हाथी गांव में हाथियों के कल्याण पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, मुख्य वन संरक्षक को किया तलब

Update: 2026-07-15 07:34 GMT

राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के आमेर स्थित हाथी गांव में पालतू हाथियों के कल्याण से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान वन विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने संबंधित मुख्य वन संरक्षक को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया।

एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने वन विभाग के वकील द्वारा यह कहे जाने पर आश्चर्य जताया कि उन्हें मामले के तथ्यों की जानकारी नहीं है और उनके पास केस की फाइल भी उपलब्ध नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि यह याचिका वर्ष 2020 से लंबित है और इस दौरान कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद विभाग का यह रवैया स्वीकार्य नहीं है।

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा,

"वन विभाग, उसके अधिकारियों और अधिवक्ताओं द्वारा दिखाई जा रही असंवेदनशीलता निंदनीय है।"

इसके बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि जिस क्षेत्राधिकार में हाथी गांव आता है, वहां के मुख्य वन संरक्षक अगली सुनवाई पर स्वयं उपस्थित हों। साथ ही हाथी गांव से संबंधित सभी आवश्यक विवरण और पालतू हाथियों के कल्याण के लिए अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी भी कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें।

मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई, 2026 को होगी।

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