ड्यूटी के दौरान हादसे में 5 साल से कोमा में सिपाही, राजस्थान हाइकोर्ट ने दिलाई वेतन की राहत

Update: 2026-03-23 08:06 GMT

राजस्थान हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण मानवीय फैसले में उस महिला को राहत दी, जिसके पति एक सिपाही ड्यूटी के दौरान हुए हादसे के बाद पिछले कई वर्षों से कोमा में हैं और उनका वेतन रोका गया था।

जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सिपाही को विशेष दिव्यांग अवकाश (स्पेशल डिसएबिलिटी लीव) प्रदान किया जाए, 2021 से बकाया वेतन जारी किया जाए और आगे भी नियमित वेतन का भुगतान जारी रखा जाए।

मामले के अनुसार सिपाही 2021 में ड्यूटी के दौरान एक दुर्घटना का शिकार हो गया था, जिसके बाद से वह कोमा में है। इसके बावजूद राज्य सरकार ने उसका वेतन रोक दिया था।

याचिकाकर्ता पत्नी ने दलील दी कि उनके पति हादसे के समय ड्यूटी पर थे, इसलिए राजस्थान सेवा नियम, 1951 के नियम 99 के तहत उन्हें विशेष दिव्यांग अवकाश और वेतन का अधिकार है।

राज्य सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि घटना के संबंध में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के समय सिपाही ड्यूटी पर था या नहीं।

अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेज, विशेष रूप से पुलिस उप आयुक्त द्वारा जारी पत्र, यह साबित करते हैं कि सिपाही ड्यूटी पर था। साथ ही संबंधित प्राधिकरण द्वारा जारी दिव्यांगता पहचान पत्र में 85 प्रतिशत दिव्यांगता भी दर्ज है।

कोर्ट ने कहा कि केवल संदेह या तकनीकी आपत्तियों के आधार पर किसी कर्मचारी को उसके वैध अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।

इन तथ्यों को देखते हुए हाइकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए राज्य को निर्देश दिया कि सिपाही को उसका पूरा बकाया वेतन दिया जाए और आगे भी नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

Tags:    

Similar News