हरभजन सिंह पंजाब में नहीं रह रहे हैं: राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा

Update: 2026-04-30 11:49 GMT

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका पूर्व क्रिकेटर और अब सांसद (MP) बने हरभजन सिंह ने दायर की थी। इसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा हटाए जाने को चुनौती दी और आरोप लगाया कि यह राजनीतिक बदले की भावना से किया गया और इसमें सही प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।

इस याचिका में 25 अप्रैल, 2026 का आदेश रद्द करने की मांग की गई। इस आदेश के तहत सिंह की सुरक्षा कथित तौर पर बिना किसी नए खतरे के आकलन, बिना किसी नोटिस या सुनवाई का मौका दिए हटा दी गई थी।

पंजाब के एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी ने कोर्ट को बताया कि हरभजन सिंह पंजाब में नहीं रह रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि याचिका के साथ जो हलफनामा (Affidavit) दायर किया गया, उसे भी महाराष्ट्र में ही अटेस्ट करवाया गया।

जस्टिस जगमोहन बंसल ने कोई भी अंतरिम राहत दिए बिना राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। उन्होंने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मई की तारीख तय की और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हरभजन सिंह या उनके परिवार को किसी भी तरह का शारीरिक नुकसान न पहुंचे।

हरभजन सिंह अभी राज्यसभा के सांसद हैं। उन्होंने अपनी याचिका में तर्क दिया कि उन्हें मई 2022 में राज्य की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उचित समीक्षा किए जाने के बाद ही सुरक्षा प्रदान की गई थी।

यह भी तर्क दिया गया कि उनकी सुरक्षा अचानक हटा दी गई। यह कदम ठीक उसी समय उठाया गया, जब उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने का फैसला किया। इससे यह संकेत मिलता है कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित है।

मामले की गंभीरता पर जोर देते हुए याचिकाकर्ता ने बताया कि सुरक्षा हटाए जाने के तुरंत बाद कथित तौर पर भीड़ ने जालंधर स्थित उनके आवास पर हमला किया था। इसके अलावा, यह भी आरोप लगाया गया कि इस घटना के दौरान स्थानीय पुलिस ने प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप नहीं किया।

याचिका के अनुसार, अगले ही दिन स्थिति और बिगड़ गई। इसके बाद गृह मंत्रालय को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसने सुरक्षा के लिए CRPF के जवानों को तैनात किया। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा पहले दी गई सुरक्षा अभी तक बहाल नहीं की गई।

याचिकाकर्ता ने 28 अप्रैल, 2026 को अधिकारियों को दिए गए अभ्यावेदन (Representation) का भी हवाला दिया। इस अभ्यावेदन में उन्होंने अपनी सुरक्षा बहाल करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का दावा है कि इस अभ्यावेदन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Title: Harbhajan Singh v. State of Punjab and others.

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