मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की याचिका पर हाईकोर्ट ने ED से जवाब मांगा

Update: 2026-07-08 10:47 GMT

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आज पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा। अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था और रिमांड पर भेजा गया था।

एक्टिंग चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस रोहित कपूर ने नोटिस जारी किया और ED को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

AAP नेता पर 100 करोड़ रुपये के GST धोखाधड़ी मामले में केस दर्ज किया गया, जो उस कंपनी से जुड़ा है, जिसके वह पहले प्रमुख थे। उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के तहत अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अरोड़ा का दावा है कि सभी लेनदेन कानूनी थे, ऑनलाइन किए गए और कस्टम बिल ED को सौंपे गए।

उन्होंने कानूनी सुरक्षा उपायों और मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए 9 मई की अपनी गिरफ्तारी, गिरफ्तारी के आधार और रिमांड आदेश रद्द करने की मांग की।

आरोप है कि ED ने PMLA के नियमों का दिखावटी पालन करने के लिए उनकी गिरफ्तारी के आधार पहले से रिकॉर्ड और टाइप कर रखे थे।

बता दें, PMLA की धारा 19 ED की गिरफ्तारी की शक्ति से संबंधित है और आरोपी के लिए कुछ सुरक्षा उपायों का प्रावधान करती है, जिसमें उसे गिरफ्तारी के आधार के बारे में सूचित करना शामिल है।

इस बीच उन्होंने जमानत के लिए भी अर्जी दाखिल की।

अरोड़ा जो वर्तमान में पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री हैं और पहले 2022 से 2025 तक राज्यसभा सदस्य रहे हैं, ने बताया कि वे हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) के प्रमोटर और पूर्व चेयरमैन हैं जिसे पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद संभालने के बाद उन्होंने सभी कार्यकारी भूमिकाओं से इस्तीफा दे दिया था और कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज में उनकी कोई भूमिका नहीं रही थी।

वे वर्तमान में गुरुग्राम की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।

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