BJP MLA संजय पाठक के खिलाफ मानहानि शिकायत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का नोटिस, राज्य सरकार से मांगा जवाब
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी विधायक (BJP MLA) संजय सत्येंद्र पाठक के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। यह याचिका कटनी के लाइसेंसी शस्त्र विक्रेता नाजिम खान ने दायर की, जिसमें उनकी शिकायत पर विचार कर निर्णय लेने के निर्देश देने की मांग की गई।
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगने की प्रार्थना स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की।
याचिका के अनुसार वर्ष 2024 में नाजिम खान ने अपने पास सुरक्षित रखे गए या मरम्मत के लिए जमा किए गए हथियारों और कारतूसों को कटनी जिले के रंगनाथ नगर थाना में जमा करा दिया। संबंधित लाइसेंसधारकों को सूचना देने के बावजूद उन्होंने इन्हें वापस नहीं लिया।
इसके बाद खान ने कलेक्टर को लिखित सूचना देकर शेष स्टॉक को जिला नजारत या कलेक्ट्रेट में जमा करने तथा अपना शस्त्र विक्रेता लाइसेंस समर्पित करने की अनुमति मांगी। 8 अक्टूबर 2024 को यह अनुमति दे दी गई लेकिन अगले ही दिन यह कहते हुए वापस ले ली गई कि पहले स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाना आवश्यक है।
बाद में एक संयुक्त समिति गठित की गई, जिसने 14 मई 2025 को स्टॉक का सत्यापन किया। इसके आधार पर 15 जुलाई 2025 को प्रस्तुत रिपोर्ट में स्टॉक को रिकॉर्ड के अनुरूप और पूरी तरह सही पाया गया। हालांकि, इसके बावजूद स्टॉक जमा कराने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किया गया।
याचिका में आरोप लगाया गया कि अधिकारियों से क्लीन चिट मिलने के बावजूद विधायक संजय पाठक ने 28 और 29 अक्टूबर 2025 को सार्वजनिक रूप से "झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप" लगाए। कथित तौर पर उन्होंने दावा किया कि करीब 14 हजार कारतूस और कुछ हथियार गायब हैं तथा इस मामले में नाजिम खान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
याचिकाकर्ता का कहना है कि विधायक के ये बयान सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान को गंभीर क्षति पहुंची। इसके बाद उन्होंने संजय पाठक को कानूनी नोटिस भी भेजा।
नाजिम खान ने माधव नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत की।
शिकायत के बाद कटनी के कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी ने पुनः जांच के लिए एक दूसरी संयुक्त समिति गठित की। इस जांच में भी याचिकाकर्ता के स्टॉक का सत्यापन किया गया और उसे सही पाया गया।
इसके बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने पूरा स्टॉक जमा कराने का आदेश जारी किया, जिसका नाजिम खान ने पालन किया।
पुलिस द्वारा उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं किए जाने से असंतुष्ट होकर नाजिम खान ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया, जिस पर अब अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा।