अभिषेक बनर्जी की गिरफ़्तारी को हरी झंड़ी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP नेता के मानहानि केस में गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (17 जून) को मानहानि के मामले में TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के अमल पर लगी अंतरिम रोक हटाई, क्योंकि इस मामले में उनकी ओर से कोई पेश नहीं हुआ। [2026 LiveLaw (MP) 215]
बनर्जी ने BJP नेता आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर मानहानि के मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में भोपाल के MP/MLA स्पेशल जज द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के अमल पर रोक लगा दी थी।
हाईकोर्ट ने अब बनर्जी की याचिका भी खारिज की, क्योंकि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका की पैरवी करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा:
"याचिकाकर्ता की ओर से 'पास ओवर' राउंड में भी कोई पेश नहीं हुआ। पहले राउंड में भी याचिकाकर्ता की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता ने इस याचिका की पैरवी करने में दिलचस्पी खो दी।
इसलिए पैरवी न होने के कारण मौजूदा MCRC खारिज की जाती है। इस कोर्ट ने 12.11.2025 के आदेश से J.M.F.C. और स्पेशल जज, MP/MLA, भोपाल द्वारा केस नंबर SC PPM/2/2024 में जारी गिरफ्तारी वारंट के अमल की कार्यवाही पर रोक लगाई थी।
इसके अनुसार, 12.11.2025 के आदेश के तहत याचिकाकर्ता के पक्ष में दी गई रोक भी हटा ली गई। रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह इस आदेश की एक कॉपी संबंधित ट्रायल कोर्ट को तुरंत भेजे।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, विजयवर्गीय ने अपने मानहानि के मुकदमे में आरोप लगाया कि बनर्जी ने नवंबर 2020 में कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्हें "गुंडा" कहा था।
हाईकोर्ट के सामने यह मामला समय-समय पर स्थगित किया जाता रहा।
8 मई को कोर्ट ने कहा था,
"आवेदक के वकील के अनुरोध पर मामले को 16.06.2026 को दोपहर 2:30 बजे लिस्ट किया जाए। अंतरिम राहत (अगर कोई हो) सुनवाई की अगली तारीख तक जारी रहेगी। अगर सुनवाई की अगली तारीख पर आवेदक के वकील मामले पर बहस नहीं करते हैं तो यह कोर्ट मामले के गुण-दोष के आधार पर आवेदन पर विचार करेगा और अंतरिम राहत जारी नहीं रखी जाएगी।"
इसके बाद 16 जून को कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर वकील ने मामले पर बहस करने के लिए एक दिन का समय मांगा था।
इसके बाद कोर्ट ने कहा,
"इससे पहले यानी 08.05.2026 को इस कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर सुनवाई की अगली तारीख पर आवेदक के वकील मामले पर बहस नहीं करते हैं तो यह कोर्ट मामले के गुण-दोष के आधार पर आवेदन पर विचार करेगा और अंतरिम राहत जारी नहीं रखी जाएगी, लेकिन सीनियर वकील के अनुरोध को देखते हुए मामले पर बहस करने के लिए फिर से एक दिन का समय दिया जाता है। यह स्पष्ट किया जाता है कि अगर सुनवाई की अगली तारीख पर याचिकाकर्ता के वकील मामले पर बहस नहीं करते हैं तो यह कोर्ट मामले के गुण-दोष के आधार पर आवेदन पर विचार करेगा और अंतरिम राहत जारी नहीं रखी जाएगी। इसे कल यानी 17.06.2026 के लिए लिस्ट किया जाए।"
Case title: ABHISHEK BANERJEE v/s AKASH VIJAYVARGIA